पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान 2023 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। इस बीच पूर्व पीएम ने दावा किया है कि, उन्हें तीन साल के लिए निर्वासन पर देश छोड़ने का अवसर दिया गया था, जिसे उन्होंने 'अस्वीकार' कर दिया। इमरान खान ने बताया कि, इस्लामाबाद में उनके बानी गाला निवास में स्थानांतरित करने के प्रस्ताव के साथ उनसे अप्रत्यक्ष रूप से संपर्क किया गया था।
मुझे तीन साल के निर्वासन का अवसर दिया गया था
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट में लिखा है कि, जब मैं अटक जेल में था तो मुझे तीन साल के निर्वासन का अवसर दिया गया था, लेकिन मैं पाकिस्तान में ही जिऊंगा और मरूंगा। उन्होंने प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक ने कहा कि, मेरा रुख स्पष्ट है। पहले मेरे हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं और नेताओं को रिहा करो। उसके बाद ही मैं अपनी व्यक्तिगत स्थिति पर चर्चा करने पर विचार करूंगा।
पाकिस्तान के फैसले देश के भीतर ही होने चाहिए
इमरान खान ने आगे कहा कि, उनका मानना है कि, पाकिस्तान के फैसले देश के भीतर ही होने चाहिए। हालांकि, जब बुनियादी मानवाधिकारों की बात आती है, तो वैश्विक स्तर पर आवाज़ें स्वाभाविक रूप से उठेंगी। पूर्व पीएम ने आगे कहा कि, संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्थाएँ इसी उद्देश्य के लिए अस्तित्व में हैं। दुनिया भर के प्रबुद्ध लोग बुनियादी अधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ आवाज उठाते हैं।
मुझे उम्मीद है कि ट्रम्प तटस्थ रहेंगे
पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान ने उन रिपोर्टों पर भी टिप्पणी की, जिनमें संकेत दिया गया है कि, ट्रम्प प्रशासन उनकी रिहाई के लिए पाकिस्तान सरकार पर दबाव डाल सकता है। उन्होंने कहा कि, मुझे उम्मीद है कि ट्रम्प तटस्थ रहेंगे। उन्होंने वर्तमान पाकिस्तान सरकार पर भी हमला करते हुए इसे सत्तावादी युग बताया।
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