अमेरिका - अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को लेकर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि संगठन को अमेरिका में मौजूद डोनर्स से आर्थिक मदद मिल रही है। इसके साथ ही मिलबेन ने भारतीय युवाओं से संगठन के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने की अपील की है।
मैरी मिलबेन का यह बयान ऐसे समय आया है, जब दिल्ली में CJP और विपक्षी दलों से जुड़े लोग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। चुनावी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर विपक्ष की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं।
‘यह चुप रहने का समय नहीं’
मैरी मिलबेन ने अपने संदेश में कहा कि यह चुप रहने का समय नहीं है। उन्होंने भारत के युवाओं और देशभक्तों से आगे आने की अपील करते हुए CJP की विचारधारा के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध करने को कहा।
गायिका ने आरोप लगाया कि CJP को अमेरिका में ऐसे डोनर्स से फंडिंग मिल रही है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके नेतृत्व में भारत के भविष्य के खिलाफ हैं। हालांकि, यह आरोप मैरी मिलबेन की ओर से लगाया गया है। उपलब्ध जानकारी में इस कथित विदेशी फंडिंग के समर्थन में कोई स्वतंत्र रूप से सत्यापित वित्तीय दस्तावेज सामने नहीं आया है।
दिल्ली में प्रदर्शन के बीच आया बयान
CJP और विपक्षी दलों के समर्थक दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित गड़बड़ियों पर सवाल उठाए हैं। चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए गए इन आरोपों पर संबंधित पक्षों के बयान और आधिकारिक रिकॉर्ड महत्वपूर्ण हैं।
मैरी मिलबेन की टिप्पणी ने इस राजनीतिक विवाद में विदेशी फंडिंग का मुद्दा भी जोड़ दिया है। उनके बयान के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या CJP को विदेश से आर्थिक सहायता मिल रही है। फिलहाल, इस दावे की पुष्टि के लिए स्वतंत्र साक्ष्य जरूरी हैं।
शांतिपूर्ण विरोध की अपील
मैरी मिलबेन ने युवाओं से CJP के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाने का आग्रह किया। उनके बयान में संगठन की कथित फंडिंग और उसकी विचारधारा को लेकर चिंता जताई गई है।
इस पूरे मामले में दो बातें अलग-अलग रखना जरूरी है—एक ओर मैरी मिलबेन द्वारा लगाए गए विदेशी फंडिंग के आरोप हैं, वहीं दूसरी ओर CJP और विपक्षी दलों का चुनावी प्रक्रिया को लेकर विरोध प्रदर्शन। फंडिंग से जुड़े दावे की पुष्टि संबंधित वित्तीय रिकॉर्ड या आधिकारिक जांच के आधार पर ही हो सकती है। फिलहाल, मैरी मिलबेन का बयान राजनीतिक हलकों और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।