अमेरिका ने बुधवार देर रात ईरान के कई सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर एक बार फिर बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक की। हमलों में बुशहर, चाबहार, बंदर अब्बास, सीरिक और कोनारक समेत कई शहरों को निशाना बनाया गया। हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
होर्मुज में ईरान की क्षमता कमजोर करना उद्देश्य
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार इस सैन्य कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में ईरान की सैन्य क्षमता और रणनीतिक गतिविधियों को कमजोर करना है। अमेरिकी सेना ने कहा कि अभियान के तहत कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
ट्रम्प की ईरान को सख्त चेतावनी
एयरस्ट्राइक के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ईरान भविष्य में अमेरिका पर हमला करता है तो उसे 20 गुना अधिक ताकत से जवाब दिया जाएगा। ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन उन्हें इस बात का भरोसा नहीं है कि तेहरान किसी भी समझौते का पालन करेगा।
80 से अधिक सैन्य ठिकानों पर हमला
अमेरिकी सेना ने जानकारी दी कि मंगलवार देर रात ईरान के 80 से अधिक सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए गए। अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज क्षेत्र में जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई है।
ट्रम्प बोले- सीजफायर समझौता खत्म
NATO शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान के साथ हुआ सीजफायर समझौता (MoU) अब समाप्त हो चुका है और अमेरिका फिलहाल ईरान के साथ किसी नए समझौते की दिशा में आगे नहीं बढ़ना चाहता।
ईरान का जवाब- धमकियों के बीच कोई बातचीत नहीं
ईरान के विदेश मंत्री ने अमेरिका के रुख पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि धमकियों और सैन्य दबाव के माहौल में अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत या समझौता संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले अमेरिका को पुराने समझौतों का सम्मान करना होगा, तभी आगे किसी वार्ता पर विचार किया जा सकता है।