मध्य प्रदेश में औद्योगिक निवेश को नई रफ्तार देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में लियुगोंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की ₹272 करोड़ की नई विनिर्माण इकाई का भूमि-पूजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पीथमपुर प्रदेश के औद्योगिक विकास का प्रमुख ग्रोथ इंजन बन चुका है और आने वाले समय में यह निवेश, रोजगार और विनिर्माण का बड़ा केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड' विजन के अनुरूप मध्य प्रदेश तेजी से औद्योगिक विकास की ओर बढ़ रहा है। नई यूनिट से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और प्रदेश की औद्योगिक क्षमता में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
पीथमपुर में ₹272 करोड़ की नई यूनिट का भूमि-पूजन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में दीप प्रज्ज्वलित कर नई औद्योगिक इकाई का भूमि-पूजन किया। उन्होंने कहा कि धार जिले का यह औद्योगिक क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री ने इसे मालवा क्षेत्र और पूरे मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बताया।
'मेक इन इंडिया' को मिलेगा नया बल
मुख्यमंत्री ने कहा कि लियुगोंग इंडिया की यह नई यूनिट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया-मेक फॉर द वर्ल्ड' अभियान को मजबूती देगी। उन्होंने विश्वास जताया कि इस परियोजना से प्रदेश में आधुनिक विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा और भारतीय मशीन निर्माण उद्योग को नई पहचान मिलेगी।
निवेश प्रस्तावों को लेकर सरकार का दावा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार के अनुसार राज्य को लगभग 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों पर कार्य शुरू हो चुका है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वर्ष 2026 की पहली छमाही में प्रदेश को ₹76,862 करोड़ से अधिक के नए निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे करीब 82 हजार युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है।
हाल के दिनों में शुरू हुईं कई बड़ी परियोजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में प्रदेश में कई बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं की शुरुआत हुई है। उन्होंने बताया कि सतगढ़ी स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क, शिवपुरी में अडाणी डिफेंस यूनिट, उज्जैन में पेप्सिको की विनिर्माण इकाई और नीमच में नई औद्योगिक परियोजनाओं जैसे कई निवेश कार्यों पर तेजी से काम आगे बढ़ रहा है। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।
कंपनी ने क्या कहा?
लियुगोंग इंडिया के ग्लोबल वाइस चेयरमैन ल्यू गोवेन ने कहा कि नया संयंत्र स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित करेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। वहीं कंपनी के प्रतिनिधि वरुण विजयवर्गीय ने कहा कि नया प्लांट रिसर्च, मशीन निर्माण और अत्याधुनिक तकनीक के विकास का केंद्र बनेगा। उन्होंने बताया कि कंपनी की मशीन निर्माण क्षमता 3,250 से बढ़कर 7,500 यूनिट तक पहुंच जाएगी।
प्रदेश की औद्योगिक तस्वीर बदलने की उम्मीद
पीथमपुर पहले से ही मध्य प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र माना जाता है। नई परियोजना के शुरू होने से ऑटोमोबाइल, निर्माण उपकरण और मशीनरी क्षेत्र में निवेश बढ़ने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि ऐसे निवेश प्रदेश को राष्ट्रीय औद्योगिक मानचित्र पर और मजबूत बनाएंगे तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को नई गति देंगे।
FAQs
Q1. नई औद्योगिक यूनिट कहां स्थापित होगी?
धार जिले के पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में।
Q2. परियोजना की कुल लागत कितनी है?
करीब ₹272 करोड़।
Q3. किस कंपनी ने नई यूनिट स्थापित करने की घोषणा की है?
लियुगोंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड।
Q4. नई यूनिट से क्या लाभ होगा?
रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, मशीन निर्माण क्षमता में वृद्धि होगी और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
Q5. कंपनी की उत्पादन क्षमता कितनी बढ़ेगी?
नई यूनिट के बाद क्षमता 3,250 मशीनों से बढ़कर लगभग 7,500 मशीनों तक पहुंचने की उम्मीद है।