महाराष्ट्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई जिलों में बाढ़, जलभराव और भूस्खलन जैसी घटनाओं के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से फोन पर बात कर राज्य के हालात की जानकारी ली। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार राहत और बचाव कार्यों के लिए महाराष्ट्र को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी। दूसरी ओर, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ सहित कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है।
अमित शाह ने लिया हालात का जायजा
लगातार हो रही बारिश के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से फोन पर बात कर राज्य की स्थिति की जानकारी ली। बातचीत के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की गई और प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार राज्य सरकार के साथ पूरी तरह खड़ी है और आवश्यकता पड़ने पर हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इससे राहत कार्यों को और गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
IMD का बड़ा अलर्ट, इन जिलों में सबसे ज्यादा खतरा
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार बुधवार को मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। पालघर के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश दर्ज हो सकती है। इसके अलावा कोंकण क्षेत्र में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं, इसलिए मछुआरों और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
इन खतरों को लेकर जारी की गई चेतावनी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, अचानक बाढ़, भूस्खलन और पेड़ गिरने जैसी घटनाएं हो सकती हैं। सड़क, रेल, हवाई और फेरी सेवाओं पर भी इसका असर पड़ सकता है। कमजोर इमारतों, बिजली व्यवस्था और कृषि फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
किसानों के लिए सरकार की अहम सलाह
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने किसानों से मौसम की स्थिति को देखते हुए खेती की योजना बनाने की अपील की है। कृषि विभाग ने कहा है कि जिन क्षेत्रों में अब तक पर्याप्त बारिश नहीं हुई है, वहां किसान मिट्टी में पर्याप्त नमी आने तक बुवाई करने में जल्दबाजी न करें। समय से पहले बुवाई करने पर फसलों को नुकसान हो सकता है।
कई इलाकों में अब भी सामान्य से कम बारिश
हालांकि मुंबई और पश्चिमी महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश हुई, लेकिन राज्य के कई जिलों में अब भी औसत से कम वर्षा दर्ज की गई है। धुले, नंदुरबार, अहिल्यानगर, सोलापुर, पश्चिमी विदर्भ और मराठवाड़ा के कई क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश होने के कारण कृषि गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
रिकॉर्ड बारिश से मची भारी तबाही
जुलाई 2026 की शुरुआत में हुई रिकॉर्ड बारिश ने महाराष्ट्र के कई जिलों में व्यापक नुकसान पहुंचाया है। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, भारी बारिश से जुड़े हादसों में 13 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। मुंबई, पुणे, पालघर, ठाणे और सतारा सहित कई जिलों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। कई प्रमुख सड़कें और रेल मार्ग प्रभावित हुए हैं, जबकि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के 'मिसिंग लिंक' सेक्शन पर भी यातायात बाधित हुआ।
महाबलेश्वर में रिकॉर्ड बारिश, हजारों लोग प्रभावित
महाबलेश्वर जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में केवल 48 घंटों के भीतर 916 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसे हाल के वर्षों की सबसे बड़ी वर्षा घटनाओं में माना जा रहा है। भारी बारिश के कारण कई सड़कें धंस गईं, पेड़ उखड़ गए और अनेक गांवों का संपर्क टूट गया। निचले इलाकों में पानी भरने से सैकड़ों घर प्रभावित हुए हैं। राहत एजेंसियों ने अब तक 1,200 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग का अनुमान है कि 9 जुलाई से बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम हो सकती है। हालांकि अगले कुछ दिनों तक कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना बनी रहेगी। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की जरूरत है।
FAQs
Q1. अमित शाह ने महाराष्ट्र को लेकर क्या कहा?
उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बात कर हरसंभव केंद्रीय सहायता का भरोसा दिया।
Q2. किन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है?
मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ सहित कई जिलों में।
Q3. तेज हवाओं की रफ्तार कितनी रहने की संभावना है?
कोंकण क्षेत्र में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक।
Q4. किसानों को क्या सलाह दी गई है?
जहां पर्याप्त बारिश नहीं हुई है, वहां मिट्टी में नमी आने तक बुवाई न करने की सलाह दी गई है।
Q5. कब तक बारिश की तीव्रता कम होने की संभावना है?
मौसम विभाग के अनुसार 9 जुलाई से भारी बारिश में धीरे-धीरे कमी आ सकती है।