राजस्थान में मानसून अब पूरी तरह रफ्तार पकड़ चुका है। बंगाल की खाड़ी में बने वेलमार्क लो-प्रेशर सिस्टम के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग (IMD) ने अगले तीन से चार दिनों तक कई जिलों में भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही लोगों को जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है। बुधवार सुबह श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ क्षेत्र में हल्की बारिश और बूंदाबांदी से मौसम सुहावना हो गया। कई दिनों से गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत मिली, जबकि किसानों ने इसे खरीफ फसलों के लिए फायदेमंद बताया।
वेलमार्क लो-प्रेशर से मानसून हुआ और सक्रिय
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना वेलमार्क लो-प्रेशर सिस्टम राजस्थान में मानसून को लगातार मजबूती दे रहा है। इसी वजह से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। विशेष रूप से दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान के जिलों में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश देखने को मिल सकती है। मौसम विभाग ने उदयपुर और कोटा संभाग सहित कई क्षेत्रों में अतिभारी बारिश की संभावना जताई है।
इन जिलों में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
मौसम विभाग के अनुसार उदयपुर, कोटा और आसपास के कई जिलों में अगले तीन से चार दिनों तक भारी बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, छोटे नदी-नालों में पानी बढ़ने और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों पर नजर बनाए रखें।
10 जुलाई से राहत मिलने के संकेत
मौसम विज्ञान केंद्र का कहना है कि वर्तमान मानसूनी प्रणाली अगले 24 घंटों में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए धीरे-धीरे कमजोर पड़ सकती है। इसके बावजूद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। हालांकि 10 जुलाई से भारी बारिश की गतिविधियों में कमी आने के संकेत हैं। इसके बाद भी कई जिलों में सामान्य मानसूनी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
पश्चिमी राजस्थान में भी बढ़ेगा मानसून का असर
मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार को मानसून ने दक्षिण-पश्चिम राजस्थान में और आगे बढ़त दर्ज की। फिलहाल मानसून की उत्तरी सीमा बाड़मेर, जोधपुर और राजगढ़ से होकर गुजर रही है। अनुमान है कि अगले दो दिनों में बीकानेर संभाग और राज्य के बाकी हिस्सों में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा। इससे जोधपुर और बीकानेर संभाग में भी अच्छी बारिश की संभावना बन गई है।
कहां कितनी हुई बारिश?
पिछले 24 घंटों के दौरान कई जिलों में अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई।
काना (पाली) – 120 मिमी
देसूरी (पाली) – 82 मिमी
कठूमर (अलवर) – 78 मिमी
प्रतापगढ़ – 39.5 मिमी
अजमेर – 26.2 मिमी
चित्तौड़गढ़ – 24 मिमी
जोधपुर – 21.4 मिमी
इन आंकड़ों से साफ है कि प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून लगातार मजबूत बना हुआ है और आने वाले दिनों में भी अच्छी बारिश की संभावना बनी हुई है।
किसानों के लिए राहत की खबर
लगातार हो रही बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है। खरीफ फसलों की बुवाई के बाद समय पर बारिश होने से मिट्टी में नमी बनी रहेगी, जिससे फसलों की बढ़वार बेहतर होने की उम्मीद है। हालांकि जिन क्षेत्रों में अतिभारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, वहां किसानों को खेतों में जलभराव से बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है।
क्या करें और क्या न करें?
भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। बिजली गिरने की आशंका होने पर खुले स्थानों में न रहें। यात्रा पर निकलने से पहले मौसम का ताजा अपडेट जरूर देखें। प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
FAQs
Q1. राजस्थान में भारी बारिश का अलर्ट कितने दिनों के लिए है?
अगले 3 से 4 दिनों तक कई जिलों में भारी से अतिभारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
Q2. भारी बारिश की वजह क्या है?
बंगाल की खाड़ी में बने वेलमार्क लो-प्रेशर सिस्टम के कारण मानसून सक्रिय हुआ है।
Q3. किन जिलों में सबसे ज्यादा असर रहेगा?
उदयपुर, कोटा, दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में सबसे ज्यादा असर रहने की संभावना है।
Q4. 10 जुलाई के बाद मौसम कैसा रहेगा?
भारी बारिश की गतिविधियों में कमी आ सकती है, लेकिन सामान्य बारिश जारी रह सकती है।
Q5. सबसे ज्यादा बारिश कहां दर्ज हुई?
पाली जिले के काना क्षेत्र में 120 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।