नई दिल्ली - भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का तीसरा मुकाबला 7 जुलाई को नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज मैदान पर खेला गया, जहां मेजबान इंग्लैंड ने भारतीय टीम को 125 रनों से करारी शिकस्त दी। इस हार के साथ भारत ने टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी सबसे बड़ी हार का शर्मनाक रिकॉर्ड दर्ज कर लिया। इंग्लैंड ने इस जीत के दम पर सीरीज में 2-0 की बढ़त बना ली है और अब वह यह सीरीज हार नहीं सकता।
202 रन के लक्ष्य के सामने बिखरी टीम इंडिया
मुकाबले में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत के सामने 202 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। जवाब में भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह फ्लॉप साबित हुई। पूरी टीम महज 11.4 ओवर में 76 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने शुरुआत से ही भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा और किसी भी बल्लेबाज को बड़ी पारी खेलने का मौका नहीं दिया।
टी20 इंटरनेशनल में भारत की सबसे बड़ी हार
125 रन की यह हार टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत की सबसे बड़ी हार बन गई है। इससे पहले भारत को सबसे बड़ी हार 6 फरवरी 2019 को न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंगटन में मिली थी, जब कीवी टीम ने 80 रनों से जीत दर्ज की थी। अब इंग्लैंड ने उस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया।
दूसरा सबसे कम टी20 इंटरनेशनल स्कोर
इस मुकाबले में भारत का 76 रन का स्कोर टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उसका दूसरा सबसे कम स्कोर है। भारतीय बल्लेबाजी क्रम पूरी तरह बिखर गया और कोई भी खिलाड़ी इंग्लैंड के गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सका। शुरुआती विकेट जल्दी गिरने के बाद टीम वापसी नहीं कर पाई और लगातार अंतराल पर विकेट गंवाती रही।
लगातार पांच मैचों से जीत का इंतजार
यह हार भारतीय टीम के लिए एक और निराशाजनक रिकॉर्ड लेकर आई। पहली बार ऐसा हुआ है कि भारत लगातार पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में जीत दर्ज नहीं कर सका। टीम का खराब प्रदर्शन कप्तान और टीम प्रबंधन दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
इंग्लैंड ने सीरीज पर मजबूत पकड़ बनाई
इस शानदार जीत के साथ इंग्लैंड ने पांच मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है। अब भारतीय टीम शेष मुकाबले जीत भी ले, तब भी सीरीज अपने नाम नहीं कर पाएगी। दूसरी ओर इंग्लैंड पूरे आत्मविश्वास के साथ अगले मुकाबलों में उतरेगा और क्लीन स्वीप की कोशिश करेगा।
भारतीय टीम के सामने बड़ी चुनौती
सीरीज के बाकी मुकाबलों में भारतीय टीम के सामने सम्मान बचाने की चुनौती होगी। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में टीम को सुधार की जरूरत है। यदि भारत को वापसी करनी है तो शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों को जिम्मेदारी निभानी होगी और गेंदबाजों को भी बेहतर प्रदर्शन करना होगा। वहीं इंग्लैंड इस जीत से उत्साहित होकर सीरीज का समापन यादगार अंदाज में करने की कोशिश करेगा।