होली पर सबसे ज्यादा फिक्र हमें छोटे बच्चों की होती है क्योंकि उन्हें ये अंदाजा नहीं होता कि रंगों से किस तरह बच कर खेलना है। अपनी आंखों का ध्यान कैसे रखना है। रंग भरे हाथों से कुछ खाना है या नहीं। इस नासमझी के बीच रंगों से खेलने की जिद इतनी ज्यादा होती है कि लाख समझाइश के बाद भी वो पानी में भीगना या रंगो से सराबोर होना नहीं छोड़ते। ऐसे में बच्चों का ध्यान रखने के लिए आपका अलर्ट होना जरूरी है। बच्चों पर रंगों का खुमार चढ़े उससे पहले ही पेरेंट्स को कुछ जरूर बातों का ध्यान रख कर बच्चों को सुरक्षित होली खेलने के लिए तैयार किया जा सकता है। आइए जानते हैं किस तरह से आप बच्चों को होली खेलने भेजें।
होली पर सबसे ज्यादा फिक्र हमें छोटे बच्चों की होती है क्योंकि उन्हें ये अंदाजा नहीं होता कि रंगों से किस तरह बच कर खेलना है। अपनी आंखों का ध्यान कैसे रखना है।
Comments (0)