कोलकाता डेस्क: सर्दियों का मौसम आते ही सरसों के साग और मक्के की रोटी का स्वाद हर किसी को याद आने लगता है। ठंड के दिनों में हरी-भरी सरसों का साग खाने का मजा ही कुछ अलग होता है। आमतौर पर लोग ताजा साग खरीदने के लिए बाजार जाते हैं, लेकिन अब इसे घर पर भी आसानी से उगाया जा सकता है। इसके लिए आपको किसी बड़े खेत या बगीचे की जरूरत नहीं है। घर की छत, बालकनी या छोटी-सी खुली जगह में भी सरसों के पौधे तैयार किए जा सकते हैं। सही मिट्टी, पर्याप्त धूप और नियमित देखभाल से अच्छी पत्तियां मिल सकती हैं। इससे आपको घर पर ही ताजा और स्वादिष्ट साग खाने का मौका मिलेगा।
सरसों का साग उगाने के लिए सही मौसम
सरसों का पौधा ठंडे मौसम में अच्छी तरह बढ़ता है, इसलिए सर्दियां इसकी खेती के लिए अनुकूल मानी जाती हैं। उत्तर और पूर्वी भारत में इसे आमतौर पर अक्टूबर से दिसंबर के बीच बोया जा सकता है। हालांकि, बुवाई का सही समय स्थानीय मौसम और सरसों की किस्म पर भी निर्भर करता है। बहुत ज्यादा गर्मी में पौधों की बढ़त प्रभावित हो सकती है। घर पर इसे गमले, ग्रो बैग या किसी चौड़े कंटेनर में उगाया जा सकता है। ध्यान रखें कि पौधों को रोजाना कुछ घंटे धूप जरूर मिले। मौसम अनुकूल होने पर कुछ ही हफ्तों में पत्तियां निकलने लगती हैं।
1: सही गमला और कंटेनर चुनें
घर पर सरसों का साग उगाने के लिए सबसे पहले सही गमले या ग्रो बैग का चुनाव करें। आप अपनी बालकनी या छत की जगह के अनुसार कंटेनर चुन सकते हैं। पत्तेदार सब्जियों के लिए लगभग 8 से 12 इंच गहरा कंटेनर उपयोगी हो सकता है। गमले में पानी निकलने के लिए नीचे छेद होना जरूरी है। इससे अतिरिक्त पानी जमा नहीं होगा और जड़ों को नुकसान पहुंचने का खतरा कम रहेगा। अगर आप एक से ज्यादा पौधे लगाना चाहते हैं, तो चौड़ा कंटेनर चुनें। बुवाई से पहले गमले को साफ करके उसमें तैयार मिट्टी भर दें।
स्टेप 2: मिट्टी तैयार करने का सही तरीका
सरसों के पौधों की अच्छी बढ़त के लिए उपजाऊ और भुरभुरी मिट्टी जरूरी है। इसके लिए सामान्य बगीचे की मिट्टी में अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद या तैयार कम्पोस्ट मिलाई जा सकती है। मिट्टी ऐसी होनी चाहिए, जिसमें पानी आसानी से निकल सके और जड़ों तक हवा पहुंचती रहे। बहुत ज्यादा सख्त या पानी रोकने वाली मिट्टी से बचें। गमले में मिट्टी भरते समय ऊपर थोड़ी जगह खाली रखें, ताकि पानी डालने में आसानी हो। खाद हमेशा अच्छी तरह सड़ी हुई और सुरक्षित होनी चाहिए। मिट्टी तैयार होने के बाद हल्का पानी डालकर उसे नम कर लें।
स्टेप 3: सरसों के बीज बोने का तरीका
मिट्टी तैयार होने के बाद अच्छी गुणवत्ता वाले सरसों के बीज लें। बीजों को मिट्टी में लगभग आधा से एक सेंटीमीटर गहराई पर बोएं और ऊपर से हल्की मिट्टी डाल दें। इसके बाद स्प्रे बोतल से पानी छिड़ककर मिट्टी को नम रखें। ध्यान रखें कि पानी इतना न डालें कि गमले में जलभराव हो जाए। बीजों को अंकुरित होने के लिए उचित नमी और अनुकूल तापमान की जरूरत होती है। सामान्य परिस्थितियों में कुछ दिनों के भीतर छोटे पौधे दिखाई देने लग सकते हैं। अंकुर निकलने के बाद कमजोर पौधों को हटाकर बाकी पौधों के बीच पर्याप्त दूरी रखें।
स्टेप 4: धूप और पानी का रखें ध्यान
सरसों के पौधों को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त रोशनी बेहद जरूरी है। गमले को ऐसी जगह रखें, जहां रोजाना लगभग 4 से 6 घंटे धूप मिल सके। पानी देने से पहले मिट्टी की ऊपरी सतह जांच लें और सूखने पर ही जरूरत के अनुसार पानी डालें। ठंड के मौसम में मिट्टी देर से सूख सकती है, इसलिए रोजाना ज्यादा पानी देना जरूरी नहीं है। सुबह के समय पानी देना बेहतर रहता है, ताकि पौधों को दिनभर नमी का संतुलन बनाए रखने में मदद मिले। पत्तियों पर धूल जमने पर हल्के पानी से सफाई की जा सकती है। नियमित देखभाल से पौधे हरे-भरे बने रह सकते हैं।
स्टेप 5: खाद और पौधों की देखभाल
सरसों के पौधों से अच्छी पत्तियां पाने के लिए समय-समय पर पोषण देना जरूरी है। बुवाई के दौरान मिट्टी में मिलाई गई कम्पोस्ट शुरुआती बढ़त के लिए मददगार होती है। पौधों की वृद्धि धीमी लगे तो थोड़ी मात्रा में तैयार कम्पोस्ट मिट्टी की ऊपरी सतह पर मिला सकते हैं। बहुत अधिक खाद डालने से बचें, क्योंकि इससे पौधों को नुकसान हो सकता है। पत्तियों पर कीड़े या धब्बे दिखाई देने पर नियमित जांच करें। पौधों के आसपास उगने वाली अनचाही घास को हटा दें। साथ ही, गमले में हवा का अच्छा आवागमन बनाए रखें और पानी जमा न होने दें।
कितने दिनों में तैयार हो जाएगा सरसों का साग?
सरसों की पत्तियों को इस्तेमाल करने लायक बनने में आमतौर पर 30 से 50 दिन लग सकते हैं, हालांकि यह अवधि किस्म, मौसम और देखभाल पर निर्भर करती है। जब पत्तियां पर्याप्त बड़ी और कोमल हो जाएं, तब उनकी कटाई की जा सकती है। शुरुआत में बाहरी और बड़ी पत्तियां चुनकर काटें, जबकि बीच में नई पत्तियों को बढ़ने दें। इससे पौधे पर नई पत्तियां आने का मौका मिल सकता है। कटाई के लिए साफ कैंची का इस्तेमाल करना बेहतर है। पत्तियों को इस्तेमाल करने से पहले साफ बहते पानी में अच्छी तरह धो लें। इस तरह आप जरूरत के अनुसार ताजा साग तोड़कर घर पर ही तैयार कर सकते हैं।
घर पर उगाएं ताजा और पौष्टिक सरसों का साग
घर की छत या बालकनी में सरसों का साग उगाना एक आसान और उपयोगी तरीका हो सकता है। इससे बाजार से बार-बार पत्तेदार सब्जियां खरीदने की जरूरत कुछ हद तक कम हो सकती है। ताजी पत्तियों का इस्तेमाल साग, सब्जी और दूसरे व्यंजनों में किया जा सकता है। सरसों की पत्तियों में विटामिन और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो संतुलित आहार का हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि, अच्छी पैदावार के लिए बीजों की गुणवत्ता, धूप, पानी और मिट्टी का ध्यान रखना जरूरी है। अगर आप पहली बार घर पर सब्जियां उगा रहे हैं, तो सरसों के साग से शुरुआत कर सकते हैं। थोड़ी-सी जगह और नियमित देखभाल से सर्दियों में घर पर हरी पत्तियों का आनंद लिया जा सकता है।