भोपाल - मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष की कथित टिप्पणी की कड़ी निंदा की है। पटना में प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध के नाम पर दिवंगत व्यक्तियों के परिजनों को राजनीति में घसीटना दुर्भाग्यपूर्ण है।
‘राजनीति में मर्यादा और शालीनता जरूरी’
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लोकतंत्र में विचारों का मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन राजनीतिक बहस के दौरान भाषा और व्यवहार की मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध करते समय भी गरिमा और शालीनता का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने इस टिप्पणी को लेकर कांग्रेस के आचरण पर सवाल उठाए और कहा कि सार्वजनिक जीवन में सम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों को व्यक्तिगत स्तर पर ले जाने से बचना चाहिए।
कांग्रेस पर जनता के सामने जवाबदेही का आरोप
डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी का यह व्यवहार जनता के सामने है और लोग इसे स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने दोहराया कि राजनीतिक विमर्श में मर्यादा बनाए रखना सभी नेताओं की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता को लेकर की गई टिप्पणी पर अपनी आपत्ति जताते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में सम्मान और शालीनता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
पटना के कार्यक्रम में खड़गे ने क्या कहा?
यह मामला बिहार की राजधानी पटना में 25 अक्टूबर को बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भाषण दे रहे थे, तभी सभा में मौजूद एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर टिप्पणी की। इसके जवाब में खड़गे ने कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” उनके इस बयान के बाद कार्यक्रम में हंगामे की स्थिति बन गई और टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया।