भोपाल/शहडोल - मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार, 25 अक्टूबर को शहडोल के बाणगंगा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में तेंदूपत्ता संग्राहकों, विद्यार्थियों, किसानों और जनजातीय परिवारों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने संग्रहण वर्ष 2024 के अंतर्गत 8 लाख 66 हजार से अधिक पात्र तेंदूपत्ता संग्राहकों के बैंक खातों में 22 करोड़ 89 लाख रुपये की बोनस राशि अंतरित की। इसके साथ ही शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, रीवा, सीधी और सतना जिलों में 461.83 करोड़ रुपये की लागत वाले 134 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दक्षिण वनमंडल, शहडोल के 22.14 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित कार्यालय भवन और आवासीय परिसर का लोकार्पण भी किया। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन करने के साथ कक्षा 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्कूटी वितरित की और उनसे संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया।

तेंदूपत्ता संग्राहकों को बोनस, मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश लघु वनोपज संघ की एकलव्य छात्रवृत्ति योजना के तहत दक्षिण वनमंडल, उमरिया की वसुंधरा सिंह परिहार को 25 हजार रुपये की छात्रवृत्ति का चेक प्रदान किया। वहीं, तेंदूपत्ता संग्राहकों को प्रोत्साहन राशि के वितरण के तहत उमरिया वनमंडल के राजमिल को 19,188 रुपये और सीधी वनमंडल के अनिल कुमार कोरी को 16,870 रुपये के बोनस चेक दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अपनी घोषणाओं को जमीन पर उतारने और हर व्यक्ति को उसकी मेहनत का पूरा हक दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। तेंदूपत्ता बोनस, लाड़ली बहना योजना और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं के माध्यम से पात्र हितग्राहियों तक सहायता पहुंचाई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आदिवासी समुदाय के कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी और लैपटॉप जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं, ताकि वे शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ सकें।

किसानों और गरीब परिवारों के लिए कई घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों को पक्के मकान, गैस कनेक्शन और निःशुल्क राशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ मुख्यमंत्री सुगम परिवहन योजना के माध्यम से शासकीय बस सेवा भी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि धान की खरीदी के लिए दोबारा पंजीयन शुरू किया गया है, जिससे प्रदेश के लाखों किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि करीब 150 करोड़ रुपये की लागत से 34 हाई स्कूल भवनों और चार जनजातीय कन्या छात्रावासों का भूमि-पूजन किया गया है। बिछिया में फुटबॉल खेल सुविधाओं के विकास के लिए 5.10 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा, बिजली, पानी, सिंचाई और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि तेंदूपत्ता संग्राहकों को 75 प्रतिशत बोनस, 32 लघु वनोपज पर समर्थन मूल्य और सहरिया समुदाय की महिलाओं को 1,500 रुपये की सहायता दी जा रही है। शहडोल क्षेत्र में बैगा परिवारों के लिए लगभग 17 हजार आवास, 65 किलोमीटर सड़कों और 28 हजार परिवारों तक जल सुविधा पहुंचाने का भी उल्लेख किया।
शहडोल में विश्वविद्यालय, इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और नई फैक्ट्री की घोषणा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शहडोल के विकास को गति देने के लिए कई नई योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जिले में इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा। जयसिंह नगर तहसील में शहडोल-रीवा मुख्य मार्ग से महाविद्यालय और औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र तक सड़क का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा शहडोल में गीता भवन बनाने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने शहडोल में विभिन्न विषयों के पाठ्यक्रमों की सुविधा वाला विश्वविद्यालय स्थापित करने की घोषणा करते हुए कहा कि जिले में इस्पात की नई फैक्ट्री भी खोली जाएगी। उनके अनुसार, इस परियोजना से लगभग चार हजार लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि जनजातीय बेटियों को अब 10 महीने के बजाय पूरे 12 महीने छात्रवृत्ति दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में 85 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की जा चुकी है और आगे एक लाख नई भर्तियां करने की योजना है। उन्होंने स्लीमनाबाद टनल, नदी जोड़ो अभियान और भावांतर भुगतान योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास कार्यों को लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।

गोपालन को बढ़ावा देने के लिए 40 लाख की योजना
मुख्यमंत्री ने गोपालन और दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए भी योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 25 गायों के पालन के लिए 40 लाख रुपये की लागत वाली योजना तैयार की जाएगी, जिसमें सरकार की ओर से 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने मां नर्मदा के किनारे परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने और सुविधा के लिए घाट सहित आवश्यक व्यवस्थाएं शीघ्र विकसित करने की बात कही।
सड़क हादसों में घायलों के इलाज और एयर एम्बुलेंस पर जोर
मुख्यमंत्री ने जनकल्याण को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सड़क पर घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने से लोगों को डरने की जरूरत नहीं है। सरकार घायल के इलाज के लिए डेढ़ लाख रुपये तक की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराएगी। साथ ही, घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपये की सहायता देने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि घायल व्यक्ति किसी परिवार का बेटा, पिता या पति हो सकता है। उसकी जान बचाना समाज की साझा मानवीय जिम्मेदारी है।
गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार के लिए जबलपुर, भोपाल, दिल्ली या मुंबई ले जाने की जरूरत पड़ने पर एयर एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराने का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मरीज की जान बचाने के लिए जरूरत के अनुसार हेलीकॉप्टर या विमान की व्यवस्था की जाएगी।
इसके साथ ही उमरिया शहर की एमपीआरडीसी की मुख्य सड़क का पुनर्निर्माण कराने की बात कही। हाथियों के कारण जिन परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनके लिए आवास निर्माण की व्यवस्था करने और प्रभावित परिवारों के घरों तथा खेतों की सुरक्षा के लिए फेंसिंग पर ध्यान देने का आश्वासन दिया।
वन पर्यटन से स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार
मुख्यमंत्री ने वन क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए रेस्क्यू सेंटर विकसित करने की बात कही। उनका कहना था कि इससे पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा और स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कान्हा, बांधवगढ़, पेंच और पन्ना जैसे पर्यटन स्थलों के आसपास होम स्टे सुविधाएं विकसित करने के लिए स्थानीय परिवारों को प्रोत्साहित करने की घोषणा की। जो परिवार पर्यटकों के ठहरने के लिए अपने घर में अतिरिक्त कमरा बनाएंगे, उन्हें सरकार की ओर से दो लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता देने की बात कही गई। इस पहल का उद्देश्य पर्यटन गतिविधियों के जरिए ग्रामीण और वन क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों के लिए रोजगार तथा आय के नए साधन तैयार करना है।
‘सरकार संभावनाओं पर नहीं, समाधान पर काम कर रही है’
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उनकी सरकार फाइलों तक सीमित रहने के बजाय फैसले लेने और समस्याओं का समाधान करने पर जोर दे रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार को जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध बताया।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसका उद्देश्य सत्ता हासिल करना है, जबकि उनकी सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए काम कर रही है। शहडोल में आयोजित कार्यक्रम के जरिए सरकार ने तेंदूपत्ता संग्राहकों को आर्थिक लाभ देने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार, पर्यटन और बुनियादी ढांचे से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाने का संदेश दिया।