दवाई लेते समय हम आमतौर पर डोज और टाइमिंग का ध्यान रखते हैं लेकिन यह देखना भूल जाते हैं कि उसके साथ कितना पानी पीना चाहिए। कई लोग गोली सिर्फ दो-तीन घूंट पानी के साथ निगल लेते हैं या फिर दवाई लेते ही लेट जाते हैं। डॉक्टरों के अनुसार ये छोटी-सी गलती खाने की नली में जलन और दूसरी परेशानी की वजह बन सकती है। आमतौर पर गोली या कैप्सूल को एक पूरे गिलास यानी 200 से 250 मिलीलीटर सादे पानी के साथ लेना बेहतर माना जाता है। सिर्फ दो-तीन घूंट पानी के साथ गोली निगलने से बचें। पर्याप्त पानी गोली को खाने की नली से आसानी से नीचे जाने में मदद करता है। इससे गोली के वहां अटकने या ज्यादा देर तक चिपके रहने का खतरा कम होता है।
कम पानी से क्या समस्या हो सकती है
मेडिसिन स्पेशलिस्ट के अनुसार पर्याप्त पानी के बिना दवाई लेने पर गोली खाने की नली में चिपक सकती है। इससे जलन हो सकती है और दवाई को नीचे जाने या घुलने में भी ज्यादा समय लग सकता है। इसलिए गोली निगलते समय पानी की मात्रा को लेकर लापरवाही नहीं करनी चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी लेने से दवाई सही जगह पहुंचती है और शरीर में प्रभावी ढंग से काम करती है। छोटी सी सावधानी बड़ी परेशानी से बचा सकती है।
दवाई लेते ही लेटना सही नहीं
सिर्फ पानी की मात्रा ही नहीं दवाई लेने के बाद आपका तरीका भी मायने रखता है। गोली निगलते ही बिस्तर पर लेट जाने की आदत से बचना चाहिए। ऐसा करने पर दवाई खाने की नली में ज्यादा देर तक रह सकती है। सीके बिरला अस्पताल दिल्ली की डॉ. मनीषा अरोड़ा के अनुसार दवाई लेने के बाद कम से कम 30 मिनट तक लेटने से बचना चाहिए। तुरंत लेटने पर रिफ्लक्स और खाने की नली में जलन की परेशानी हो सकती है। खड़े रहकर या बैठकर पानी पीने के बाद थोड़ी देर सक्रिय रहना बेहतर होता है।
ज्यादा पानी भी हर किसी के लिए सही नहीं
कम पानी के साथ दवाई लेने से परेशानी हो सकती है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि गोली के साथ बहुत ज्यादा पानी पीना चाहिए। खासकर जिन लोगों को किडनी या दिल से जुड़ी किसी परेशानी की वजह से पानी कम पीने की सलाह दी गई है उन्हें अपनी तरफ से पानी की मात्रा नहीं बढ़ानी चाहिए। डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही पानी का सेवन करें। सामान्य व्यक्ति के लिए एक पूरा गिलास पर्याप्त माना जाता है। अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार मात्रा तय करना जरूरी है।
सही तरीके से दवाई लेने की आदत
दवाई लेने का सही तरीका अपनाने से कई आम समस्याओं से बचा जा सकता है। हमेशा सादा पानी ही इस्तेमाल करें। चाय कॉफी या अन्य पेय पदार्थों के साथ दवाई न लें। खाने की नली को स्वस्थ रखने के लिए नियमित आदतें विकसित करें। किसी भी संदेह या लगातार जलन की स्थिति में डॉक्टर से सलाह लें। छोटी-छोटी सावधानियां दवा की प्रभावशीलता बढ़ाती हैं और अनावश्यक परेशानी से बचाती हैं। स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना ही सबसे अच्छा उपाय है।