रस्सी कूदना हृदय के लिए सबसे प्रभावी कसरतों में से एक माना जाता है। इसे नियमित रूप से करने से रक्त संचार सुचारु रहता है और हृदय की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं। यह शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति को बढ़ाता है, जिससे दिल के काम करने की क्षमता बेहतर होती है। डॉक्टर भी कार्डियोवैस्कुलर फिटनेस बढ़ाने के लिए रस्सी कूदने को उत्कृष्ट विकल्प मानते हैं।
फुल बॉडी वर्कआउट से बढ़ती है स्टैमिना
रस्सी कूदने से शरीर के लगभग सभी प्रमुख भाग सक्रिय हो जाते हैं। हाथ, कंधे, पेट, पैर और कोर मसल्स एक साथ काम करते हैं, जिससे शरीर की समग्र ऊर्जा क्षमता बढ़ती है। यह एक ऐसा व्यायाम है जिसे घर में, कम समय में और बिना किसी विशेष उपकरण के किया जा सकता है, लेकिन इसका प्रभाव बेहद व्यापक होता है। नियमित अभ्यास से शरीर में लचीलापन बढ़ता है और स्टैमिना भी तेजी से सुधारता है।
वजन घटाने में मिलता है तेज़ परिणाम
जो लोग तेजी से वजन कम करना चाहते हैं उनके लिए रस्सी कूदना अत्यंत उपयोगी है। यह कम समय में अधिक कैलोरी बर्न करता है और मेटाबॉलिज्म को तेज करता है। प्रतिदिन कुछ ही मिनट रस्सी कूदने से शरीर की अतिरिक्त चर्बी घटने लगती है और वजन नियंत्रित रहता है। खास बात यह है कि यह फैट लॉस के साथ शरीर को टोंड और एथलेटिक शेप भी देता है।
मेंटल हेल्थ के लिए भी फायदेमंद
रस्सी कूदना डोपामाइन और एंडोर्फिन जैसे ‘फील गुड’ हार्मोन बढ़ाने में मदद करता है, जो तनाव को कम करते हैं और मन को शांत रखते हैं। इसे करने से मूड बेहतर होता है और दिमाग की एकाग्रता बढ़ती है। मानसिक रूप से सक्रिय और सकारात्मक बने रहने के लिए यह एक सरल लेकिन अत्यंत प्रभावी व्यायाम है। कई शोध बताते हैं कि रोजाना रस्सी कूदना तनाव, चिंता और हल्के अवसाद में भी राहत देता है।
हड्डियों और मांसपेशियों को बनाता है मजबूत
प्रतिदिन रस्सी कूदने से हड्डियां मजबूत होती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं का खतरा कम होता है। इसके नियमित अभ्यास से मांसपेशियों की मजबूती बढ़ती है और शरीर का बैलेंस बेहतर होता है। यह व्यायाम शरीर की प्राकृतिक शक्ति को बढ़ाता है और रोजमर्रा के कार्यों को करने में लचीलापन प्रदान करता है।
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