भोपाल | मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विजयादशमी के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि विजयादशमी असत्य पर सत्य की विजय का पर्व है और यह हमें धर्म, सत्य तथा न्याय के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विजयादशमी के अवसर पर इंदौर में शस्त्र-पूजन करेंगे। राज्य शासन की ओर से प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी शस्त्र-पूजन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों का उद्देश्य भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं, राष्ट्रीय सुरक्षा, सैन्य सामर्थ्य और आत्मनिर्भरता के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करना है।
शस्त्र-पूजन शक्ति के सदुपयोग का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति में शस्त्र-पूजन का महत्व केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है। यह शक्ति के विवेकपूर्ण उपयोग, निर्बलों की रक्षा, अन्याय के प्रतिकार और राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति कर्तव्यबोध का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि शक्ति का उद्देश्य आक्रमण या अत्याचार करना नहीं, बल्कि समाज, राष्ट्र और कमजोर वर्गों की रक्षा करना है। विजयादशमी पर शस्त्र-पूजन के माध्यम से आत्मरक्षा, अनुशासन और न्याय की स्थापना का संकल्प लिया जाता है।
भगवान श्रीराम और महाभारत की परंपरा का किया उल्लेख
डॉ. मोहन यादव ने भारतीय परंपरा में शस्त्र-पूजन के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व का उल्लेख किया। उन्होंने भगवान श्रीराम, महाभारत में पांडवों और छत्रपति शिवाजी महाराज से जुड़ी परंपराओं का जिक्र करते हुए कहा कि विजयादशमी शक्ति, साहस और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन संस्कृति में शास्त्र और शस्त्र दोनों का महत्व है। शास्त्र ज्ञान, संस्कार और जीवन-मूल्यों का मार्ग दिखाते हैं, जबकि शस्त्र अन्याय के प्रतिकार और समाज व राष्ट्र की रक्षा के साधन हैं।
भारतीय सेना और सुरक्षा बलों के योगदान को किया नमन
मुख्यमंत्री ने सीमा पर तैनात सैनिकों के त्याग, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। उन्होंने कहा कि शस्त्र-पूजन की परंपरा भारतीय सेना, पुलिस और सुरक्षा बलों के अनुशासन तथा राष्ट्ररक्षा के संकल्प से भी जुड़ी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और सैन्य क्षमताओं के आधुनिकीकरण पर दिए जा रहे जोर का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए भारतीय सशस्त्र बलों के साहस और सैन्य कौशल की सराहना की।
ग्वालियर और बैतूल में भी होंगे शस्त्र-पूजन कार्यक्रम
राज्य शासन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ग्वालियर में और वरिष्ठ विधायक हेमंत खंडेलवाल बैतूल में शस्त्र-पूजन कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। प्रदेश के विभिन्न जिलों में मंत्रीगण भी कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। जिन जिलों में मंत्री कार्यक्रमों में शामिल नहीं होंगे, वहां संबंधित जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक शस्त्र-पूजन करेंगे। कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।
घरों में भी शस्त्र-पूजन करने की अपील
राज्य शासन ने आम नागरिकों से विजयादशमी पर अपने-अपने घरों में परंपरानुसार शस्त्र-पूजन करने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पर्व का संदेश शक्ति, मर्यादा और अनुशासन के साथ समाज तथा राष्ट्र के कल्याण के लिए कार्य करना है।
विजयादशमी पर बुराइयों को त्यागने का संकल्प लें
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि विजयादशमी आत्मचिंतन और आत्मसुधार का अवसर भी है। रावण-दहन के साथ अहंकार, लोभ, भेदभाव और कर्तव्य के प्रति उदासीनता जैसी बुराइयों को त्यागने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने सामाजिक एकता, अनुशासन, परिश्रम और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण को सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की आधारशिला बताया।