मध्यप्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने 28 जून के लिए प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की गई है।
पिछले 24 घंटे में 8 लोगों की मौत
बीते 24 घंटे में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बारिश और आकाशीय बिजली की घटनाओं में 8 लोगों की जान चली गई। छिंदवाड़ा में बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हुई। वहीं सीहोर में दो युवकों, दमोह में एक युवक और पांढुर्णा में एक किसान की भी जान चली गई।
इन हादसों में सात लोग झुलस गए हैं, जिनमें चार बच्चे शामिल हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश और गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, खेतों और पेड़ों के नीचे जाने से बचें। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य जारी है।
भोपाल, शिवपुरी और रतलाम में बदला मौसम
शनिवार शाम राजधानी भोपाल सहित शिवपुरी, रतलाम, झाबुआ और आसपास के कई जिलों में तेज बारिश दर्ज की गई। भोपाल के कई इलाकों में कुछ समय के लिए बिजली आपूर्ति भी बाधित रही।
शिवपुरी में तेज आंधी के कारण एक मकान और हाईवे किनारे स्थित एक ढाबा क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं कई स्थानों पर पेड़ उखड़ने और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने की खबर है। रतलाम में भारी बारिश के चलते कई सड़कें और अंडरब्रिज जलमग्न हो गए, जिससे यातायात प्रभावित रहा। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
इन जिलों में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत
मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, शिवपुरी, रीवा, सतना, कटनी, जबलपुर, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, मैहर और छिंदवाड़ा समेत कई जिलों में तेज बारिश, आंधी और आकाशीय बिजली का असर देखने को मिल सकता है।
कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की भी संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है, जिससे आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में और तेजी आ सकती है।
मौसम विभाग ने लोगों और किसानों को दी सलाह
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर न रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण लेने से बचें। किसानों को सलाह दी गई है कि बारिश के दौरान खेतों में काम न करें तथा कृषि उपकरण, बीज और खाद को सुरक्षित स्थान पर रखें।
साथ ही जिन इलाकों में लगातार बारिश हो रही है, वहां वाहन सावधानीपूर्वक चलाने और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों एवं प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।