भोपाल। मध्यप्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी बनी हुई है। प्रदेश में प्रवेश करने के छह दिन बाद भी मानसून इंदौर से आगे नहीं बढ़ पाया है। मौसम विभाग के अनुसार अनुकूल परिस्थितियां बनने के बावजूद मानसून की प्रगति अपेक्षित गति से नहीं हो रही है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पिछले कई दिनों से मानसून के आगे बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है, लेकिन मौसम की बदलती परिस्थितियों के कारण इसकी रफ्तार प्रभावित हुई है।
इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट और पांढुर्णा जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
अगले चार दिनों तक भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, सागर और रीवा संभाग के कई जिलों में मौसम सक्रिय रहेगा। इस दौरान 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।
प्रदेश के सबसे गर्म शहर
रविवार को प्रदेश के कई शहरों में गर्मी का असर बना रहा। सबसे अधिक अधिकतम तापमान खजुराहो में 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद नौगांव में 40.5 डिग्री, ग्वालियर में 40.3 डिग्री, टीकमगढ़ में 39.8 डिग्री और सीधी में 39.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के साथ प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है।