हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिला। लगातार दो कारोबारी सत्रों से जारी तेजी सोमवार को थम गई।
सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में बंद
कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 372.10 अंक (0.48%) गिरकर 76,728.37 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 भी 109.75 अंक (0.46%) टूटकर 23,946.25 के स्तर पर बंद हुआ।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी
व्यापक बाजार में भी दबाव देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.37% और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.62% की गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे बाजार में व्यापक बिकवाली का संकेत मिला।
ऑटो और आईटी सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी ऑटो में करीब 2% की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा आईटी, ऑयल एंड गैस, मीडिया, प्राइवेट बैंक, पीएसयू बैंक और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में भी 0.9% से 1.3% तक की कमजोरी रही। दूसरी ओर, फार्मा, हेल्थकेयर और मेटल सेक्टर ने बेहतर प्रदर्शन किया।
इन शेयरों में रही सबसे ज्यादा हलचल
दिन के कारोबार में कोटक महिंद्रा बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M), इंडिगो और मारुति सुजुकी के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। वहीं, मैक्स हेल्थकेयर, डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, कोल इंडिया, एटर्नल, बीईएल और ट्रेंट के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।
तकनीकी संकेत क्या कहते हैं?
विश्लेषकों के अनुसार, सोमवार को बाजार में पूरे दिन उतार-चढ़ाव रहा। निफ्टी लगभग 195 अंकों की रेंज में कारोबार करता रहा और दैनिक चार्ट पर बेयरिश कैंडल बनी, जो अल्पकालिक कमजोरी का संकेत देती है।
हालांकि, निफ्टी अभी भी अपने 20-दिवसीय और 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के ऊपर बना हुआ है। इससे संकेत मिलता है कि निचले स्तरों पर बाजार को समर्थन मिल रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कुछ सत्रों में बाजार सीमित दायरे में कंसोलिडेशन कर सकता है।