सनातन धर्म को लेकर अपने बयान पर घिरे डीएमके नेता और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन ने माफी मांगने से इनकार कर दिया है। इस बीच उन्होंने एक बार फिर से अपने बयान को दोहराने की बात की। उदयनिधि स्टालिन ने अपने बयान पर हो रहे चौतरफा सियासी हमलों पर कहा, 'माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को नई संसद के उद्घाटन के मौके पर नहीं बुलाया गया। ये सनातन धर्म का सबसे बेहतरीन उदाहरण है।
उदयनिधि के बयान को लेकर बीजेपी ने विपक्षी दलों के गठबंधन I.N.D.I.A. पर सवाल खड़े किए हैं। बीजेपी ने विपक्ष के गठबंधन से माफी की मांग की है। हालांकि, 'इंडिया' गठबंधन में उदयनिधि स्टालिन के बयानों को लेकर भी अलग-अलग राय सामने आ रही हैं। कुछ पार्टियां उनके बयान का समर्थन कर रही हैं तो कुछ ने उदयनिधि को संयम बरतने की सलाह दी है।
सनातन धर्म को लेकर अपने बयान पर घिरे डीएमके नेता और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन ने माफी मांगने से इनकार कर दिया है। इस बीच उन्होंने एक बार फिर से अपने बयान को दोहराने की बात की। उदयनिधि स्टालिन ने अपने बयान पर हो रहे चौतरफा सियासी हमलों पर कहा, 'माननीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को नई संसद के उद्घाटन के मौके पर नहीं बुलाया गया। ये सनातन धर्म का सबसे बेहतरीन उदाहरण है।
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