Union Budget: आगामी केंद्रीय बजट को लेकर आज नीति आयोग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अर्थशास्त्रियों से मुलाकात करेंगे। सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को नीति आयोग में अर्थशास्त्रियों के साथ बैठक करने वाले हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, बैठक में प्रधानमंत्री अर्थशास्त्रियों की राय और सुझाव लेंगे और केंद्रीय बजट (Union Budget) से पहले भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति और इसकी चुनौतियों का भी आकलन करेंगे। सरकारी सूत्रों ने कहा था कि संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से शुरू हो सकता है और 6 अप्रैल को समाप्त होने की उम्मीद है।
दोनों सदनों में ये पहला संबोधन होगा
संसद के बजट सत्र (Union Budget) की शुरुआत संसद के सेंट्रल हॉल में लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से होगी। पिछले साल जुलाई में शीर्ष पद पर पहुंचने के बाद से राष्ट्रपति मुर्मू का संसद के दोनों सदनों में ये पहला संबोधन होगा। सूत्रों ने अनुसार, बजट सत्र के पहले दिन दोनों सदनों में आर्थिक सर्वेक्षण भी पेश किया जाएगा। सूत्रों ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के 1 फरवरी को संसद में केंद्रीय बजट पेश करने की संभावना है और सत्र का पहला भाग 10 फरवरी तक चलेगा।
धन्यवाद प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा
बजट सत्र का दूसरा भाग 6 मार्च को शुरू होकर 6 अप्रैल को समाप्त होने की संभावना है। बजट सत्र के पहले भाग के दौरान, दोनों सदनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर विस्तृत चर्चा होती है और उसके बाद केंद्रीय बजट पर चर्चा होती है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस का जवाब देंगे, वहीं वित्त मंत्री भी केंद्रीय बजट पर बहस का जवाब देंगे। बजट सत्र के दूसरे भाग के दौरान सरकार के विधायी एजेंडे के अलावा विभिन्न मंत्रालयों की अनुदान मांगों पर चर्चा प्रमुख रूप से होगी। केंद्रीय बजट, एक धन विधेयक, सत्र के इस भाग के दौरान पारित किया जाता है।
पिछले सत्र के दौरान लोकसभा में नौ बिल पेश किए गए और सात बिल संसद के निचले सदन द्वारा पारित किए गए। राज्यसभा ने नौ विधेयक पारित किए और सत्र के दौरान संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित विधेयकों की कुल संख्या नौ थी।
बजट में क्या हो सकता है
- बजट में सरकार नए क्षेत्रों के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव यानी PLI स्कीम का ऐलान कर सकती है।
- मोदी सरकार बजट में भूमि अधिग्रहण से जुड़ी रुकावटों को भी हटा सकती है।
- सरकार बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार और न्यायिक सुधारों का भी ऐलान कर सकती है।
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