महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता अजित पवार का निधन हो गया है। बारामती में जिला पंचायत चुनाव के प्रचार के लिए जाते समय उनका निजी विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें उनकी जान चली गई। इस हादसे ने महाराष्ट्र की राजनीति में शोक की लहर दौड़ा दी है।अजित पवार केवल शरद पवार के भतीजे नहीं थे, बल्कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में खुद की मजबूत सियासी पहचान बनाई। उन्होंने न केवल सत्ता के गलियारों में खुद को स्थापित किया, बल्कि अपनी प्रशासनिक पकड़ और राजनीतिक कौशल से अलग मुकाम हासिल किया।
विधायक से डिप्टी CM तक का सियासी सफर
अजित पवार का राजनीतिक सफर करीब 45 वर्षों का रहा। इस दौरान वे एक बार सांसद और सात बार विधायक चुने गए। उन्होंने अपना राजनीतिक करियर पूरी तरह महाराष्ट्र की राजनीति तक सीमित रखा और राज्य सरकार में अहम भूमिका निभाई। सरकार में रहते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली। वे कृषि, ऊर्जा और योजना राज्य मंत्री रहे। सुधाकर नाइक की सरकार में वे कृषि और बिजली राज्य मंत्री के तौर पर काम कर चुके हैं। इसके बाद जब 1992-93 में शरद पवार मुख्यमंत्री बने, तब अजित पवार को मंत्री बनाया गया।
सिंचाई मंत्री से उपमुख्यमंत्री तक
1999 में कांग्रेस-एनसीपी की सरकार बनने के बाद, विलासराव देशमुख के नेतृत्व में अजित पवार को सिंचाई मंत्री बनाया गया।
2003-04 में सुशील कुमार शिंदे की सरकार में उन्हें ग्रामीण विकास विभाग का अतिरिक्त प्रभार मिला। इसके बाद वे पहली बार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री बने।
एक साल में दो बार बने डिप्टी CM
2019 के बाद अजित पवार का राजनीतिक सफर बेहद दिलचस्प रहा। उन्होंने एक ही साल में दो अलग-अलग मुख्यमंत्रियों के साथ उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
23 नवंबर 2019 को उन्होंने देवेंद्र फडणवीस के साथ डिप्टी CM की शपथ ली, लेकिन बहुमत साबित न हो पाने के कारण सरकार गिर गई।
इसके बाद उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बने और अजित पवार एक बार फिर उपमुख्यमंत्री बने।
छह बार संभाला उपमुख्यमंत्री का पद
अजित पवार पहली बार नवंबर 2010 में उपमुख्यमंत्री बने। इसके बाद वे अलग-अलग राजनीतिक परिस्थितियों में कई बार इस पद पर पहुंचे।
2019 में फडणवीस सरकार
फिर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महाविकास अघाड़ी सरकार
इसके बाद 2023 में शरद पवार से अलग होकर शिंदे सरकार में शामिल हुए और उपमुख्यमंत्री बने।
साल 2024 में वे छठी बार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री बने।
Comments (0)