पटना - बिहार में दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। त्योहार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से राज्य सरकार की ओर से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और डीजीपी प्रीता वर्मा ने संयुक्त रूप से बैठक कर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। बैठक में साफ किया गया कि त्योहार के दौरान शांति भंग करने और कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कानून तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
बैठक के दौरान मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि दुर्गा पूजा के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने और माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
त्योहार के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी रखने और शांति व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। प्रशासन का उद्देश्य है कि पूजा पंडालों और सार्वजनिक आयोजनों के दौरान किसी तरह की अप्रिय स्थिति पैदा न हो और श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में पूजा-अर्चना कर सकें।
पूरे राज्य में DJ बजाने पर प्रतिबंध के निर्देश
मुख्य सचिव ने बैठक में पूरे बिहार में डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने का निर्देश दिया। इस कदम का उद्देश्य त्योहार के दौरान शोर-शराबे और उससे पैदा होने वाली संभावित समस्याओं को रोकना है। हालांकि, प्रतिबंध को लागू करने की विस्तृत प्रक्रिया और इससे जुड़े अन्य नियमों की जानकारी संबंधित प्रशासनिक आदेशों से स्पष्ट होगी। आयोजकों और पूजा समितियों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें और किसी भी आयोजन से पहले लागू नियमों की जानकारी हासिल कर लें।
गृह विभाग ने शांतिपूर्ण त्योहारों पर दिया जोर
बैठक में गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि त्योहारों के सीजन की शुरुआत यदि शांतिपूर्ण तरीके से होती है, तो आगे आने वाले सभी त्योहारों को भी शांति और सुरक्षा के साथ संपन्न कराने में मदद मिलेगी। उनके बयान से संकेत मिलता है कि प्रशासन दुर्गा पूजा को आगामी त्योहारों के लिए कानून-व्यवस्था की तैयारी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मान रहा है। अधिकारियों के बीच समन्वय, समय पर कार्रवाई और नियमों का पालन सुनिश्चित करना इस व्यवस्था का अहम हिस्सा होगा।
पूजा समितियों और लोगों से सहयोग की अपेक्षा
दुर्गा पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडालों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होते हैं। ऐसे में प्रशासन के निर्देशों का पालन करना और किसी भी विवाद या अव्यवस्था से बचना जरूरी है। पूजा समितियों से अपेक्षा है कि वे आयोजन से संबंधित नियमों का ध्यान रखें और स्थानीय प्रशासन के साथ तालमेल बनाए रखें।
बिहार प्रशासन का जोर इस बार त्योहारों को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने पर है। अब इन निर्देशों को जमीन पर लागू करने और राज्यभर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।