वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को अपना लगातार नौवां बजट पेश करेंगी, जो किसी भी महिला वित्त मंत्री द्वारा अब तक का सबसे लंबा कार्यकाल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे नारी नेतृत्व की ऐतिहासिक उपलब्धि बताकर विशेष सराहना की है। यह प्रस्तुति न केवल आर्थिक दृष्टि से बल्कि राजनीतिक प्रतीकवाद की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें महिला नेतृत्व, स्थिरता और निरंतरता का संदेश शामिल है। बजट का यह दौर सरकार की आर्थिक विश्वसनीयता, वित्तीय अनुशासन और विकासात्मक दृष्टिकोण को मजबूत रूप में सामने रखता है।
बीजेपी की ग्रैंड रणनीति: जनता तक सीधी पहुँच
इस बार भारतीय जनता पार्टी ने बजट को केवल संसद तक सीमित न रखते हुए उसे सीधे आम नागरिकों तक ले जाने का निर्णय लिया है। ‘बजट आउटरीच कैंपेन 2026’ नामक इस व्यापक कार्यक्रम का उद्देश्य आर्थिक घोषणाओं को सरल भाषा में जनता तक पहुँचाना, बजट के प्रभावों को समझाना और सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट रूप से सामने रखना है। पार्टी चाहती है कि देश का प्रत्येक नागरिक समझ सके कि बजट उसके जीवन, उसकी आय और देश की विकास यात्रा को कैसे प्रभावित करेगा।
विशेष केंद्रीय समिति और नेतृत्व की नई भूमिका
पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन ने इस अभियान के लिए राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है। इसमें सरोज पांडेय, अनिल एंटनी, नरेंद्र सिंह रैना, जीवीएल नरसिम्हा राव, देवेश कुमार, श्रीकांत शर्मा, गोपाल कृष्ण अग्रवाल, संजय टंडन और गुरु प्रकाश पासवान जैसे अनुभवी नेताओं को शामिल किया गया है। यह समिति अभियान की दिशा, संवाद की रणनीति और कार्यक्रमों के समन्वय पर कार्य करेगी। बड़े नेताओं का शामिल होना यह संकेत देता है कि पार्टी इसे केवल राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय संवाद के रूप में प्रस्तुत कर रही है।
अभियान की रूपरेखा: 150 से अधिक प्रेस कॉन्फ्रेंस और सीधा संवाद
बीजेपी ने 1 से 15 फरवरी तक देशभर में 150+ प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने की योजना बनाई है, जिनमें केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री, राज्य मंत्री और प्रमुख प्रवक्ता शामिल होंगे। 2 से 10 फरवरी तक चरणबद्ध प्रेस वार्ताओं के माध्यम से बजट के प्रमुख बिंदुओं को राज्य-दर-राज्य उजागर किया जाएगा।
इसके अलावा छात्रों, युवाओं, किसानों, MSME उद्यमियों, महिलाओं, व्यापारियों, मजदूरों और कारीगरों से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित किया जाएगा। यह संवाद बीजेपी की उस नीति को दर्शाता है, जिसमें वह आर्थिक निर्णयों को सामाजिक प्रभावों से जोड़ने की कोशिश कर रही है। हर वर्ग तक पहुँच बनाकर पार्टी बजट को सिर्फ़ आंकड़ों की रिपोर्ट नहीं, बल्कि जीवन से जुड़े बदलावों का दस्तावेज़ के रूप में प्रस्तुत करना चाहती है।
डिजिटल ऑफेंसिव: सोशल मीडिया पर बड़ा कैंपेन
बीजेपी डिजिटल मीडिया को इस अभियान का सबसे प्रभावी हथियार बना रही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर शॉर्ट रील्स, पॉडकास्ट, इन्फ्लुएंसर कोलैबोरेशन और ग्राफिक-आधारित एक्सप्लेनेर तैयार किए जा रहे हैं। इस डिजिटल रणनीति का लक्ष्य युवा वोटरों तक पहुँच बनाना है, जो अर्थव्यवस्था, रोजगार और उद्यमिता संबंधी घोषणाओं में अत्यधिक रुचि रखते हैं।
पार्टी का डिजिटल कैंपेन एक समन्वित और आक्रामक सूचना-प्रवाह का साधन होगा, जो हर आयु-वर्ग तक बजट की अवधारणाएँ सरल और आकर्षक रूप में पहुँचाएगा।
बजट 2026: विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा
बीजेपी नेताओं के अनुसार यह बजट केवल वार्षिक आर्थिक दस्तावेज नहीं, बल्कि विकसित भारत 2047 की आधारशिला है। वैश्विक आर्थिक चुनौतियों, अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक तनावों और आर्थिक मंदी की आशंकाओं के बीच भारत को तेज गति से आगे बढ़ाने के लिए यह बजट एक दीर्घकालिक रोडमैप के रूप में देखा जा रहा है।
इसमें बुनियादी ढाँचा, मेक-इन-इंडिया, तकनीकी नवाचार, डिजिटल अर्थव्यवस्था, ग्रामीण विकास और छोटे–मध्यम उद्योगों की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है। पार्टी का फोकस यह स्पष्ट करना है कि सरकार की नीतियाँ केवल आज की नहीं, आने वाले 20 वर्षों की विकास यात्रा को दिशा देती हैं।
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