मध्यप्रदेश भाजपा ने वर्ष 2026 से सहयोग निधि जुटाने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब पार्टी नगद चंदा स्वीकार नहीं करेगी। सहयोग निधि केवल चेक, आरटीजीएस और एनईएफटी के माध्यम से सीधे पार्टी के खाते में जमा कराई जाएगी। इस संबंध में रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिलों को दिए गए निर्देश
वीडियो कॉन्फ्रेंस में प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जमवाल, प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह और राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष नरेश बंसल मौजूद रहे। साथ ही सभी जिलाध्यक्ष, आजीवन सहयोग निधि प्रभारी और संगठन के पदाधिकारी भी शामिल हुए।
11 फरवरी से शुरू होगा सहयोग निधि अभियान
प्रदेश भाजपा का आजीवन सहयोग निधि कलेक्शन अभियान 11 फरवरी से शुरू होगा। कलेक्शन करने वाले पदाधिकारियों को 15 मार्च तक पूरा लेखा-जोखा पार्टी को सौंपना अनिवार्य होगा।
केंद्रीय संगठन के निर्देश पर लिया गया फैसला
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय संगठन ने देशभर में नगद चंदा कलेक्शन बंद करने के निर्देश दिए हैं। मप्र भाजपा ने कुशाभाऊ ठाकरे के समय से चली आ रही परंपरा का हवाला दिया, जिसके बाद सशर्त सहयोग निधि जुटाने की अनुमति दी गई, लेकिन नगद कलेक्शन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई।
1000 रुपये की नगद रसीदें वापस होंगी
राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष नरेश बंसल ने स्पष्ट किया कि मप्र भाजपा के आग्रह पर अनुमति दी गई है,लेकिन कैश कलेक्शन किसी भी स्थिति में नहीं होगा। इसके बाद प्रदेश संगठन ने जिलों को निर्देश दिए कि 1-1 हजार रुपये की नगद रसीदें वापस भेजी जाएं।
जिला स्तर पर बैंक खाते में जमा नहीं होगा पैसा
अब सहयोग निधि की राशि सीधे प्रदेश स्तर के बैंक खाते में जमा होगी। जिला स्तर पर पार्टी के खातों में पैसा जमा नहीं किया जाएगा। बाद में प्रदेश संगठन जरूरत के अनुसार जिलों को राशि आवंटित करेगा।
20 हजार से अधिक चंदे पर पैन अनिवार्य
20 हजार रुपये या उससे अधिक की सहयोग राशि पैन नंबर के बिना स्वीकार नहीं की जाएगी। चेक से चंदा देने वालों की अलग सूची बनेगी, जिसमें नाम-पता, बैंक विवरण और चेक-बुक नंबर दर्ज होगा।
जिलों को खर्च से दोगुना कलेक्शन का लक्ष्य
प्रदेश संगठन ने जिलों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने वार्षिक खर्च की तुलना में कम से कम दो गुना सहयोग निधि जुटाएं। पार्टी व्यवस्था के अनुसार, कलेक्शन का 50 प्रतिशत हिस्सा प्रदेश संगठन के पास रहेगा, जबकि शेष राशि जिलों को वापस भेजी जाएगी।
संभागवार जिम्मेदारी तय
- प्रदेश प्रभारी गोपीकृष्ण नेमा – इंदौर व उज्जैन संभाग
- प्रदेश सह-प्रभारी आलोक संजर – भोपाल, ग्वालियर, चंबल व नर्मदापुरम
- प्रदेश सह-प्रभारी योगेश ताम्रकार – जबलपुर, सागर, रीवा व शहडोल।
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