केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट आम जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप है और ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय संकल्प को जमीनी स्तर पर साकार करने की दिशा में एक मजबूत और निर्णायक पहल है। मध्य प्रदेश के गुना से भाजपा सांसद सिंधिया ने यह बात अशोक नगर (ग्वालियर मंडल) के दौरे के दौरान आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही।
विकसित भारत के लिए स्पष्ट दिशा और दृष्टि
केंद्रीय मंत्री ने बजट को ‘विकसित भारत की दिशा में स्पष्ट रोडमैप’ बताते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप देश की आर्थिक मजबूती, बुनियादी ढांचे के विस्तार और भविष्य की तकनीकों को गति देने वाला है।
2027 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य
उन्होंने कहा कि भारत तेजी से आगे बढ़ते हुए 2027 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। पिछले एक दशक में भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि देश की जीडीपी 2 ट्रिलियन डॉलर से बढ़कर 4.3 ट्रिलियन डॉलर हो चुकी है।
महंगाई दर वैश्विक स्तर पर सबसे कम
सिंधिया ने कहा कि अप्रैल से दिसंबर 2025 के दौरान भारत की मुद्रास्फीति दर केवल 1.7% रही, जो वैश्विक स्तर पर सबसे कम है। उन्होंने बताया कि बजट में राजकोषीय घाटा 4.4% निर्धारित किया गया है, जिसे अगले वित्त वर्ष में 4.3% तक लाने का लक्ष्य रखा गया है।
अवसंरचना निवेश में रिकॉर्ड वृद्धि
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि वर्ष 2014 में अवसंरचना क्षेत्र में निवेश जहां 2 लाख करोड़ रुपए था, वहीं अब यह बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।
पूर्वोत्तर और दूरसंचार क्षेत्रों पर खास जोर
पूर्वोत्तर राज्यों के लिए बजट प्रावधानों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन राज्यों के लिए आवंटन में 50% की वृद्धि की गई है, जिसके तहत 6,800 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वहीं दूरसंचार क्षेत्र के लिए 72,000 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है।
भविष्य की आवश्यकताओं पर भी विशेष ध्यान
सिंधिया ने कहा कि बजट में कपड़ा, अवसंरचना, कृषि, सेवाएं और शिक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। इसके साथ ही भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कंटेंट क्रिएटर्स, पर्यटन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को भी प्रोत्साहन दिया गया है।
दीर्घकालिक विकास को ध्यान में रखकर तैयार बजट
गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किया था। 53.5 लाख करोड़ रुपए के इस बजट में विनिर्माण को बढ़ावा देने, वैश्विक डेटा केंद्रों के लिए कर छूट तथा कृषि और पर्यटन क्षेत्रों को विशेष प्रोत्साहन देने की घोषणाएं शामिल हैं। इस बजट को वैश्विक चुनौतियों के बीच आर्थिक विकास को बनाए रखने की दीर्घकालिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
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