नई दिल्ली. कांग्रेस ने शनिवार को पांच राज्यों में चुनाव वॉर रूम के प्रमुखों की नियुक्ति की घोषणा की। ये राज्य उत्तर प्रदेश पंजाब गोवा मणिपुर और उत्तराखंड हैं जहां 2027 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। यह कदम पार्टी द्वारा आगामी चुनावों की गंभीर तैयारी का संकेत है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी यानी AICC मुख्यालय से जारी विज्ञप्ति में इस जानकारी को साझा किया गया। चुनाव आयोग द्वारा इन राज्यों में चुनावी तैयारियों की समीक्षा शुरू करने के साथ ही कांग्रेस ने अपनी रणनीति पर काम तेज कर दिया है। पार्टी संगठनात्मक स्तर पर सक्रियता बढ़ा रही है।
कौन बने प्रमुख
उत्तर प्रदेश में सचिन यादव को वॉर रूम का प्रमुख बनाया गया है। पंजाब के लिए कन्नन गोपीनाथन को जिम्मेदारी सौंपी गई है। गोवा में इमरोज़ खान मणिपुर में बिस्वरंजन मोहंती और उत्तराखंड में कृष्ण सतरोड़ को वॉर रूम हेड नियुक्त किया गया है। ये सभी नियुक्तियां तुरंत प्रभाव से लागू होंगी। पार्टी ने इन नेताओं को चुनावी रणनीति बनाने और समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी दी है। प्रत्येक राज्य की स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर यह चयन किया गया है। वॉर रूम चुनाव प्रबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा।
केसी वेणुगोपाल का बयान
AICC महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। नियुक्तियां तुरंत प्रभाव से लागू होंगी। वेणुगोपाल ने पार्टी की ओर से इन पांच राज्यों में संगठनात्मक तैयारियों पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी 2027 के चुनावों को लेकर पूरी तरह सक्रिय है। महासचिव के बयान से कांग्रेस की प्राथमिकताओं का पता चलता है। पार्टी उच्च स्तर पर समन्वय बनाए रखते हुए मैदानी स्तर पर काम तेज करेगी। यह घोषणा संगठनात्मक सक्रियता का हिस्सा है।
चुनाव आयोग की तैयारियां
भारतीय निर्वाचन आयोग यानी ECI ने इन राज्यों में चुनावी तैयारियों की समीक्षा शुरू कर दी है। उत्तराखंड में ECI की टीम पहले ही पहुंच चुकी है। इसके बाद अधिकारी मणिपुर और पंजाब का दौरा करेंगे। गोवा और उत्तर प्रदेश का दौरा भी निर्धारित है। चुनाव आयोग अभी चुनाव की औपचारिक अधिसूचना जारी नहीं किया है। लेकिन तैयारियों की समीक्षा से साफ है कि प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। कांग्रेस ने इसी पृष्ठभूमि में अपनी वॉर रूम व्यवस्था मजबूत करने का फैसला लिया है।
राज्यों की वर्तमान सत्ता स्थिति
इन पांच राज्यों में से उत्तर प्रदेश गोवा और उत्तराखंड में भाजपा की सरकार है। पंजाब में आम आदमी पार्टी यानी AAP सत्ता में है जबकि मणिपुर में कांग्रेस की सरकार चल रही है। अलग-अलग सत्ता समीकरणों को देखते हुए कांग्रेस को प्रत्येक राज्य में अलग रणनीति अपनानी होगी। विपक्षी भूमिका वाले राज्यों में हमलावर रुख और सत्ता वाले राज्य में रक्षात्मक रणनीति पर जोर दिया जा सकता है। पार्टी इन परिस्थितियों के अनुरूप वॉर रूम को सक्रिय करेगी। स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी।
विधानसभा कार्यकाल और संभावित चुनाव
मणिपुर विधानसभा का कार्यकाल 13 मार्च 2027 को समाप्त हो रहा है। गोवा का कार्यकाल 14 मार्च पंजाब का 16 मार्च और उत्तराखंड का 28 मार्च 2027 को खत्म होगा। उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल 22 मई 2027 को समाप्त होना है। इन तिथियों को देखते हुए चुनाव क्रमशः होने की संभावना है। कांग्रेस ने समय रहते वॉर रूम प्रमुख नियुक्त कर अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी को उम्मीद है कि शुरुआती संगठनात्मक कदम से चुनावी लाभ मिलेगा। आगे और नियुक्तियां भी हो सकती हैं।