नई दिल्ली - प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए युवाओं के आंदोलन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि वह डिजिटल युग के विरोधी नहीं हैं, लेकिन इसका गलत इस्तेमाल चिंता का विषय है। उनके मुताबिक, आधुनिक तकनीक का उपयोग समाज और देशहित में होना चाहिए, न कि ऐसे तरीके से जिससे भ्रम और विवाद पैदा हों।
"डिजिटल तकनीक का दुरुपयोग ठीक नहीं"
देवकीनंदन ठाकुर ने कहा, "मैं डिजिटल युग के खिलाफ नहीं हूं, लेकिन इसका गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। यह कतई ठीक नहीं है।" उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों को जोड़ने का माध्यम हैं, लेकिन इनके दुरुपयोग से भारतीय संस्कृति और सामाजिक मूल्यों को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं के आंदोलन और सरकार की प्रतिक्रिया, दोनों का वह सम्मान करते हैं, लेकिन हर पक्ष को जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए।
युवाओं और सरकार, दोनों के प्रयासों का किया सम्मान
कथावाचक ने कहा कि लोकतंत्र में युवाओं को अपनी बात रखने का अधिकार है और सरकार को भी जनता की बात सुननी चाहिए। उन्होंने आंदोलन में शामिल युवाओं औरसरकार, दोनों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संवाद और संयम के जरिए ही किसी भी समस्या का समाधान निकाला जा सकता है।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी
इस बीच, सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को लेकर एक समान प्रोटोकॉल बनाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार देता है और किसी भी आंदोलन के नाम पर पुलिस की ज्यादती या लाठीचार्ज को उचित नहीं ठहराया जा सकता।
छात्रों पर पुलिस कार्रवाई से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ मंगलवार को उन याचिकाओं पर सुनवाई करेगी, जिनमें काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में हुए छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा कथित बल प्रयोग और ज्यादती के आरोप लगाए गए हैं। यह आंदोलन नीट पेपर लीक और अन्य परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में आयोजित किया गया था। याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ अत्यधिक बल प्रयोग किया गया। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से इस मामले में आगे की कानूनी दिशा तय होने की उम्मीद है।
