मध्यप्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने गहरे अवदाब, सक्रिय मानसूनी द्रोणिका और दो ऊपरी हवा के चक्रवातों के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने भोपाल, इंदौर समेत 29 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं पूर्वी मध्यप्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी वर्षा होने की चेतावनी दी गई है।
बालाघाट में सबसे ज्यादा बारिश
सोमवार को मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश दर्ज की गई, लेकिन सबसे अधिक वर्षा बालाघाट जिले के मलाजखंड क्षेत्र में हुई। शाम 5:30 बजे तक यहां 74 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा बैतूल में 4.0 मिलीमीटर, इंदौर में 0.1 मिलीमीटर और रीवा में 0.5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में वर्षा की तीव्रता और बढ़ सकती है।
मंगलवार को छह जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए उमरिया, शहडोल, डिंडोरी, अनूपपुर, मंडला और बालाघाट जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा पूर्वी मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों में मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। विभाग का कहना है कि अगले चार दिनों में पूर्वी मध्य प्रदेश के तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है।
तीन मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कई मौसम प्रणालियों के एक साथ सक्रिय होने के कारण बढ़ी हैं।बंगाल की खाड़ी से ओडिशा की ओर बढ़ रहा गहरा अवदाब।रीवा-दतिया से होकर गुजर रही सक्रिय मानसूनी द्रोणिका।दो ऊपरी हवा के चक्रवात, जिनमें एक दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और दूसरा उत्तर प्रदेश के ऊपर बना हुआ है।इन सभी मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से पूर्वी मध्य प्रदेश में तेज बारिश का दौर बना हुआ है।
पश्चिमी मध्यप्रदेश में फिलहाल कम असर
जहां पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में घने बादल और तेज बारिश की संभावना बनी हुई है, वहीं पश्चिमी हिस्सों में फिलहाल बारिश की गतिविधियां कमजोर हैं। इंदौर, उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में हल्की बारिश और रुक-रुक कर बौछारें पड़ रही हैं। राजधानी भोपाल में दिनभर धूप और बादलों की आवाजाही बनी रही, हालांकि शाम के समय मौसम में बदलाव देखा गया।
बारिश के बाद भी नहीं मिली उमस से राहत
बारिश होने के बावजूद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में उमस भरी गर्मी बनी हुई है। कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया।
मलाजखंड (बालाघाट): 32.0°C (सामान्य से 3.2°C अधिक)
जबलपुर: 34.4°C (सामान्य से 4.3°C अधिक)
सतना: 35.5°C (सामान्य से 3.8°C अधिक)
सीधी: 35.6°C (सामान्य से 3.2°C अधिक)
पचमढ़ी (नर्मदापुरम): 28.2°C (सामान्य से 4.0°C अधिक)
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वातावरण में नमी अधिक होने के कारण बारिश के बावजूद लोगों को उमस का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। साथ ही किसानों को भी मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले तीन से चार दिनों तक मानसून सक्रिय रहेगा। विशेष रूप से पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्सों में भी धीरे-धीरे वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। ऐसे में नागरिकों को मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।