नई दिल्ली- लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश में केन-बेतवा परियोजना के विरोध में आंदोलन कर रहे आदिवासी समुदाय के समर्थन में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। सोमवार (27 जुलाई 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार सत्य और सत्याग्रह दोनों से डरती है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय अपनी जमीन, जल और जंगल के अधिकारों की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहा है, लेकिन उनकी आवाज सुनने के बजाय उसे दबाया जा रहा है।
राहुल गांधी ने कहा कि केन-बेतवा परियोजना से प्रभावित आदिवासी परिवारों को न तो उचित मुआवजा मिला है और न ही सम्मानजनक पुनर्वास। उनका कहना है कि सरकार को विकास परियोजनाओं के साथ-साथ प्रभावित लोगों के अधिकारों और सम्मान का भी ध्यान रखना चाहिए।
X पर वीडियो शेयर कर सरकार पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने एक्स पर साझा किए गए वीडियो में आंदोलनरत आदिवासियों की आवाज को सामने रखा। वीडियो में प्रदर्शनकारी कहते दिखाई दे रहे हैं कि अगर उनकी बात नहीं सुनी जा रही है तो उन्हें भी दिल्ली के जंतर-मंतर ले जाया जाए, जहां उनकी आवाज सुनी जा सके। वीडियो के साथ राहुल गांधी ने लिखा कि "सत्य और सत्याग्रह – दोनों से डरती है मोदी सरकार।" उन्होंने कहा कि आदिवासी भाई-बहन जल सत्याग्रह और भूख हड़ताल पर इसलिए बैठे हैं क्योंकि उनकी जमीन परियोजना के लिए अधिग्रहित कर ली गई, लेकिन उन्हें न्यायपूर्ण मुआवजा और पुनर्वास नहीं मिला।
'जल, जंगल और जमीन पर पहला हक आदिवासियों का'
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में कहा कि आदिवासी देश के मूल निवासी हैं और जल, जंगल तथा जमीन पर सबसे पहला अधिकार उन्हीं का है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज यही अधिकार उनसे छीने जा रहे हैं, इसलिए वे शांतिपूर्ण सत्याग्रह करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी केवल इतना चाहते हैं कि उनकी आजीविका सुरक्षित रहे और उन्हें सम्मान के साथ पुनर्वास मिले। राहुल गांधी के मुताबिक यदि सरकार उनकी मूलभूत मांगों को भी नहीं सुनती, तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
'पुलिस बल से दबाया जा रहा आंदोलन'
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार आंदोलनकारियों की मांगों पर बातचीत करने के बजाय पुलिस बल का इस्तेमाल कर शांतिपूर्ण विरोध को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को सुनना सरकार की जिम्मेदारी है, न कि उसे बलपूर्वक रोकना। राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी आदिवासी समुदाय के साथ खड़ी है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने दोहराया कि प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा और सम्मानजनक पुनर्वास मिलना ही चाहिए।
केन-बेतवा परियोजना को लेकर जारी है विरोध
मध्य प्रदेश में केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना को लेकर प्रभावित क्षेत्रों के आदिवासी समुदाय लंबे समय से विरोध जता रहे हैं। उनका आरोप है कि परियोजना के कारण उनकी जमीन और आजीविका प्रभावित होगी, जबकि पुनर्वास और मुआवजे की प्रक्रिया संतोषजनक नहीं है। इसी मुद्दे को लेकर कई स्थानों पर जल सत्याग्रह और भूख हड़ताल जैसे आंदोलन जारी हैं।