नई दिल्ली - चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी दलों के लगातार विरोध के बीच भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और INDIA ब्लॉक पर जोरदार पलटवार किया है। बीजेपी सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने विपक्ष के आंदोलन को राहुल गांधी को राजनीतिक रूप से दोबारा स्थापित करने की कोशिश बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाकर देश में अस्थिरता और अराजकता का माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
राहुल गांधी को सत्ता में लाने का लगाया आरोप
संबित पात्रा ने कहा कि विपक्षी दलों की ओर से एक योजनाबद्ध तरीके से राहुल गांधी को सत्ता की कुर्सी तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उनके मुताबिक यह कोई नई रणनीति नहीं है, बल्कि लंबे समय से राहुल गांधी को लॉन्च और फिर री-लॉन्च करने के प्रयास होते रहे हैं। पात्रा ने आरोप लगाया कि जब इन कोशिशों से अपेक्षित राजनीतिक सफलता नहीं मिली तो विपक्ष ने संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल उठाने का रास्ता अपनाया। उन्होंने चुनाव आयोग को लेकर चल रहे विवाद को भी इसी राजनीतिक अभियान का हिस्सा बताया।
‘ज्ञानेश नहीं, गणेश जी कर रहे मदद’
बीजेपी नेता ने अपने बयान में ज्ञानेश कुमार के नाम को भगवान गणेश से जोड़ते हुए कहा कि पार्टी की मदद ज्ञानेश कुमार नहीं, बल्कि गणेश जी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवान गणेश को बुद्धि, विद्या और ज्ञान का देवता माना जाता है और देश की जनता भी समझदारी से मतदान करना जानती है। पात्रा के मुताबिक मतदाता परिवारवाद और भ्रष्टाचार की राजनीति को स्वीकार नहीं करेंगे, बल्कि उन नेताओं को समर्थन देंगे जो देश को मजबूत बनाने और राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देने की बात करते हैं।
चुनाव आयोग को लेकर जारी है सियासी घमासान
दरअसल, चुनाव आयोग और SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। विपक्षी सांसदों ने 6 अक्टूबर को दिल्ली में संसद से चुनाव आयोग कार्यालय की ओर मार्च किया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। पुलिस ने मार्च को आगे बढ़ने से रोक दिया, जिसके बाद विपक्षी नेताओं ने धरना दिया।
विवाद के केंद्र में मतदाता सूची और Form-6 से जुड़े बदलाव भी हैं। विपक्ष इन मुद्दों को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है, जबकि बीजेपी का कहना है कि विपक्ष इन विषयों को राजनीतिक रंग देकर भ्रम पैदा कर रहा है। चुनाव आयोग ने भी Form-6 में बदलाव से जुड़े कुछ दावों को भ्रामक बताया है।
बीजेपी ने विपक्ष पर साधा निशाना
संबित पात्रा ने अपने बयान में विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश का आरोप लगाया। उनका कहना है कि चुनावी राजनीति में हार-जीत के आधार पर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाना उचित नहीं है। वहीं विपक्ष का दावा है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की पर्याप्त सुरक्षा जरूरी है। इस पूरे विवाद के बीच चुनाव आयोग, SIR और राहुल गांधी को लेकर बीजेपी और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होता दिखाई दे रहा है।