भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम के बिगड़ने की गंभीर चेतावनी जारी की है। दो सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ तेजी से एक के बाद एक गुजर रहे हैं, जिसके कारण आने वाले दिनों में बारिश, आंधी-तूफान, तेज़ हवाएँ और पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी की संभावना बढ़ गई है। 1 फरवरी से 3 फरवरी के बीच मैदानों में हल्की से मध्यम बारिश जबकि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में अधिक व्यापक वर्षा और हिमपात की संभावना जताई गई है। कई इलाकों में 30–40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएँ चल सकती हैं, जबकि कुछ स्थानों पर 50 किमी/घंटा तक तेज़ झोंके महसूस किए जा सकते हैं।
दिल्ली-एनसीआर का मौसम: हल्की बारिश और ठंड में बढ़ोतरी का अनुमान
क्षेत्रीय मौसम केंद्र के अनुसार, 1 फरवरी को दिल्ली में हल्की बारिश, गरज, बिजली चमकने और हवा की तेज़ गति देखने को मिलेगी। अधिकतम तापमान 17–19 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 10–12 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिसका मतलब है कि मौसम सामान्य गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है और सावधानी जरूरी है।
पंजाब, हरियाणा, यूपी, एमपी और राजस्थान में भी बारिश का दौर
IMD के अनुसार, 1 फरवरी को पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में हल्की बारिश, गरज और तेज़ हवा चल सकती है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली को येलो अलर्ट में रखा गया है।
उधर, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में 1 से 3 फरवरी के बीच लगातार बारिश जारी रहने की उम्मीद है। पूर्वी राजस्थान में भी 2 फरवरी तक वर्षा का दौर बना रहेगा, जिससे तापमान में गिरावट हो सकती है और ठंडी हवाएँ तेज़ हो सकती हैं।
पश्चिमी हिमालय: भारी बारिश, बर्फबारी और तेज़ झोंके का खतरा
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ का असर सबसे ज्यादा दिखाई देगा। इन राज्यों में भारी वर्षा और व्यापक हिमपात होने के साथ-साथ तेज़ झोंकों की संभावना है। इससे कई ऊंचे इलाकों में सड़कें बंद होने, यातायात बाधित होने और तापमान में तीव्र गिरावट होने की स्थिति बन सकती है।
मौसम में बदलाव का वैज्ञानिक कारण
IMD ने बताया कि इस बदलाव के पीछे दो पश्चिमी विक्षोभ लगातार उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर रहे हैं। ये सिस्टम आमतौर पर भूमध्यसागर क्षेत्र से नमी खींचते हैं और सर्दियों में भारत के पहाड़ी व मैदानी इलाकों में बारिश, बर्फबारी और आंधी का कारण बनते हैं। दोनों विक्षोभों के पास-पास आने और स्थानीय मौसम से टकराने के कारण यह असामान्य और लगातार खराब मौसम देखने को मिल रहा है।
सावधान रहने का समय: असर कई राज्यों में महसूस होगा
IMD ने सलाह दी है कि लोग मौसम में अचानक बदलाव को देखते हुए यात्रा की योजना सावधानी से बनाएं और खराब मौसम की चेतावनियों का पालन करें। तेज़ हवाओं और बारिश के कारण पेड़ों के गिरने, ट्रैफिक में अवरोध और तापमान में गिरावट की स्थिति बन सकती है, इसलिए सतर्क रहना आवश्यक है।
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