जम्मू-कश्मीर में आज सोमवार की तड़के कुदरत का दोहरा कहर देखने को मिला। घाटी में जारी भारी बर्फबारी और शून्य से नीचे गिरते तापमान के बीच भूकंप के तेज झटकों ने धरती को हिला कर रख दिया। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 4.6 से 4.7 मापी गई है। भूकंप का असर इतना तेज था कि लोग भीषण ठंड की परवाह किए बिना अपने घरों से बाहर खुले मैदानों की ओर भागने लगे।
तड़के 5:35 बजे महसूस हुए झटके
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, भूकंप आज सुबह 5 बजकर 35 मिनट पर आया। इसका केंद्र उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के हंजीवेरा (पट्टन इलाका) में जमीन से करीब 10 किलोमीटर की गहराई पर था। घाटी के अधिकांश हिस्सों में झटके जोरदार तरीके से महसूस किए गए, जिससे सोते हुए लोग दहशत में जाग गए।
भीषण ठंड और बर्फबारी ने बढ़ाई मुश्किलें
कश्मीर इस समय कड़ाके की ठंड की चपेट में है। कई इलाकों में तापमान **-5°C से -8°C** तक बना हुआ है और पिछले कुछ दिनों से लगातार बर्फबारी हो रही है। भूकंप आने पर लोग आधी नींद में अपने बच्चों और बुजुर्गों को रजाइयों से निकालकर कड़ाके की ठंड में बाहर ले आए। स्थानीय निवासियों ने बताया कि कुछ सेकंड के कंपन ने पूरे घरों को हिला दिया, जिससे खिड़कियां और दरवाजे बजने लगे।
प्रशासन का अपडेट और जान-माल का नुकसान
गनीमत यह रही कि अब तक किसी भी तरह के जान-माल के बड़े नुकसान की खबर नहीं मिली है। हालांकि, प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है।
- प्रशासन की अपील:जम्मू-कश्मीर सरकार ने लोगों से शांत रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
- सतर्कता:आपदा प्रबंधन टीमों को सक्रिय कर दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
वैश्विक भूकंपीय गतिविधियां
पिछले कुछ दिनों में इस क्षेत्र और पड़ोसी देशों में कई भूकंपीय गतिविधियां दर्ज की गई हैं:
- बांग्लादेश: बीते रविवार को बांग्लादेश में 3.0 तीव्रता का भूकंप आया था।
- फिलीपींस: पिछले बुधवार को फिलीपींस के मिंडानाओ में 6.0 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया था।
भू-वैज्ञानिकों का मानना है कि कश्मीर घाटी सिस्मिक जोन 4 और 5 में आती है, जो भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे सुरक्षित इमारतों में रहें और किसी भी खतरे की स्थिति में जारी होने वाले अलर्ट का पालन करें।
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