केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कल संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। इस बजट को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। जहां सत्ताधारी दल इसका स्वागत और सर्वहारी बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे असफल और किसान विरोधी करार दे रहा है।
नितिन नवीन का मत
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि, मैं इस बजट का स्वागत करता हूं। जिस प्रकार से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नौवीं बार बजट पेश किया है, यह भारत सरकार के गुड गवर्नेंस का प्रतीक है। बजट प्रधानमंत्री का जनता के बीच भरोसा दर्शाता है। वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत का ग्रोथ रेट 7% है, जो दिखाता है कि हमने GDP को लगातार मजबूत किया है और मुद्रा स्फीति को नियंत्रण में रखा है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया पर पीयूष गोयल का पलटवार
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने विपक्ष की आलोचना पर कहा कि, आप कुछ ठोस बताएं कि क्या गलत है? क्या वे नहीं चाहते कि हमारे MSME क्षेत्र की प्रगति हो, क्या वे नहीं चाहते कि देश की उत्पादन क्षमता बढ़े, क्या वे किसानों का उज्ज्वल भविष्य नहीं चाहते, क्या वे देश में टेक्नोलॉजी का विकास नहीं चाहते? कुछ ठोस तो बताए कि क्या तकलीफ है।
चिराग पासवान ने भी बजट को बताया सकारात्मक
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बजट को लेकर कहा कि, आज के बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर, शहरीकरण और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया गया है। यह बजट विकसित भारत की मजबूत नींव तैयार करने वाला है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव की तीखी प्रतिक्रिया
वहीं, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा,"यह बजट गरीब किसान और गांव में रहने वाले लोगों की समझ से बाहर है। यह गरीब का पेट नहीं भर सकती है। रोजगार और नौकरियां नहीं देती, केवल सपने दिखाने वाला बजट है।
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