New Delhi | त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्ट्रीट वेंडर्स, हॉकर, स्थानीय दुकानदारों और पारंपरिक कारीगरों के हित में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने राज्यों को निर्देश दिया है कि नवरात्रि, दिवाली और छठ पूजा के दौरान रेहड़ी-पटरी वालों और स्थानीय वेंडर्स को बिना उचित कारण के न हटाया जाए। NHRC ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि फायर सेफ्टी या सार्वजनिक सुरक्षा के कारण किसी स्थान को खाली कराना जरूरी हो, तो संबंधित वेंडर्स को पहले वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जाए। साथ ही कार्रवाई के नाम पर उनके सामान की मनमानी जब्ती, अनुचित जुर्माना या वसूली नहीं की जानी चाहिए।
दिवाली पर वेंडर्स को हटाने पर क्या है निर्देश?
NHRC के निर्देशों के अनुसार त्योहारी सीजन में स्थानीय वेंडर्स, हॉकर और कुम्हारों की आजीविका को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जानी चाहिए। केवल त्योहारी बाजार या फुटपाथ पर दुकान लगाने के कारण उन्हें बेवजह हटाने से बचने को कहा गया है। आयोग ने राज्यों से कहा है कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ी वास्तविक जरूरत होने पर ही आवश्यक कार्रवाई की जाए और प्रभावित दुकानदारों के लिए वैकल्पिक वेंडिंग स्पेस की व्यवस्था की जाए।
सामान जब्त करने और जुर्माने पर भी रोक
आयोग ने वेंडर्स के सामान को मनमाने तरीके से जब्त करने पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा केवल फुटपाथ पर कारोबार करने के कारण अनुचित जुर्माना लगाने या कार्रवाई के नाम पर परेशान करने से बचने को कहा गया है। वेंडर्स से जबरन वसूली, उत्पीड़न या अनुचित हस्तक्षेप की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों को कानून के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्थानीय कारीगरों और ‘वोकल फॉर लोकल’ पर जोर
NHRC ने त्योहारी बाजार में स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया है। राज्यों से कहा गया है कि स्थानीय कारीगरों, पारंपरिक व्यवसायों और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित किया जाए। दिवाली के दौरान मिट्टी के दीये और अन्य पारंपरिक सामान बेचने वाले कुम्हारों तथा छोटे स्थानीय कारोबारियों के लिए यह निर्देश विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्य सचिवों को दिए गए निर्देश
NHRC ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को आयोग के निर्देशों का व्यापक प्रचार करने को कहा है। साथ ही जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस प्रशासन के माध्यम से निर्देशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी तय की गई है। आयोग ने लंबित मामलों में अतिरिक्त या पूर्ण कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) 18 अक्टूबर 2026 तक जमा करने के निर्देश भी दिए हैं।
सुरक्षा और आजीविका के बीच संतुलन पर जोर
NHRC के निर्देशों का उद्देश्य एक तरफ त्योहारों के दौरान सार्वजनिक सुरक्षा और फायर सेफ्टी सुनिश्चित करना है, वहीं दूसरी तरफ उन छोटे कारोबारियों की आजीविका की रक्षा करना है जिनके लिए नवरात्रि, दिवाली और छठ जैसे त्योहारों का सीजन कारोबार के लिहाज से महत्वपूर्ण होता है। आयोग के निर्देशों के मुताबिक, यदि किसी स्थान पर सुरक्षा कारणों से वेंडिंग गतिविधि रोकना जरूरी हो, तो कार्रवाई से पहले वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि छोटे दुकानदारों की आजीविका प्रभावित न हो।