भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने केरल से राज्यसभा सांसद सी. सदानंदन मास्टर के हालिया भाषण को बेहद भावुक और झकझोर देने वाला बताया है। उन्होंने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा करते हुए केरल में लंबे समय से जारी वामपंथी हिंसा और असहिष्णुता के मुद्दे को सामने रखा।
सदानंदन मास्टर के भाषण को बताया पीड़ादायक
नितिन नवीन ने ‘एक्स’ पर लिखा कि सोमवार को राज्यसभा में सदानंदन मास्टर द्वारा प्रस्तुत किया गया दृश्य अत्यंत व्यथित करने वाला था। उनके अनुसार, यह भाषण केरल में राजनीति के नाम पर भाजपा और संघ से जुड़े कार्यकर्ताओं पर वर्षों से किए जा रहे अत्याचार और क्रूरता की भयावह तस्वीर पेश करता है।
संघर्षों के बावजूद कार्यकर्ताओं का हौसला कायम
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि लगातार हमलों और अमानवीय व्यवहार के बावजूद केरल के कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों ने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने तमाम कठिन परिस्थितियों में भी राज्य की भलाई के लिए निष्ठा के साथ काम करना जारी रखा और लोकतांत्रिक मूल्यों पर अपना विश्वास बनाए रखा।
लोकतंत्र की असली ताकत है हर आवाज को मंच देना
नितिन नवीन ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सदानंदन मास्टर को संसद में अपनी बात रखने का अवसर दिया जाना यह दर्शाता है कि लोकतंत्र केवल सत्ता के संवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि उन आवाजों को भी स्थान देता है जिन्हें वर्षों तक दबाया गया। उन्होंने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर भाषण देने वालों के लिए आत्ममंथन का क्षण बताया।
तीन दशक पुरानी पीड़ा का किया गया उल्लेख
भाजपा अध्यक्ष का यह बयान राज्यसभा में सोमवार को हुए उस भावुक क्षण के संदर्भ में आया है, जब सदानंदन मास्टर ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान करीब 31 वर्ष पुरानी एक दर्दनाक घटना को याद किया।
सदन में कृत्रिम पैर रखे जाने से हुआ हंगामा
अपने भाषण के दौरान सदानंदन मास्टर ने सदन की मेज पर अपने दोनों कृत्रिम पैर रखकर बताया कि वर्ष 1994 में केरल के कन्नूर जिले में सीपीएम से जुड़े कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला किया था। इस हमले में उनके दोनों पैर घुटनों के नीचे से काट दिए गए थे।
नियमों को लेकर विपक्ष का विरोध
इस घटनाक्रम के दौरान सदन में हंगामे की स्थिति बन गई। सीपीएम सांसदों ने इसे सदन में वस्तु प्रदर्शित करने से जुड़े नियमों का उल्लंघन बताते हुए विरोध दर्ज कराया। इस पर राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने हस्तक्षेप करते हुए कृत्रिम पैर हटाने के निर्देश दिए और सभी सदस्यों से नियमों के पालन की अपील की।
गृह मंत्री अमित शाह ने भी व्यक्त की संवेदना
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी ‘एक्स’ पर सदानंदन मास्टर के भाषण का वीडियो साझा किया था। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में दिखाया गया दृश्य किसी भी संवेदनशील व्यक्ति का दिल पसीजा सकता है। अमित शाह ने यह भी कहा कि केरल में भाजपा और संघ के कार्यकर्ताओं को दशकों से जिस अमानवीय हिंसा और पीड़ा का सामना करना पड़ रहा है, उसे सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते हैं।
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