केंद्र सरकार ने बजट 2026 में आम करदाताओं को बड़ी राहत दी है। आयकर कानून में प्रस्तावित बदलावों के तहत अब इनकम टैक्स से जुड़ी तकनीकी और प्रक्रियात्मक गलतियों पर जेल की सजा नहीं होगी। ऐसे मामलों में अब सिर्फ जुर्माना भरकर मामला निपटाया जा सकेगा।
अब टैक्स छिपाने पर नहीं होगी जेल !
केंद्र की मोदी सरकार के अनुसार, अब ऑडिट न कराना, ट्रांसफर प्राइसिंग रिपोर्ट में चूक, वित्तीय जानकारी देने में देरी जैसी गलतियों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया गया है। इसके अलावा दस्तावेज समय पर न देना या वस्तु के रूप में भुगतान (इन-काइंड पेमेंट) पर टीडीएस न काटना भी अब आपराधिक मामला नहीं माना जाएगा।
छोटे मामलों में जुर्माना, गंभीर मामलों में सजा घटेगी
बजट प्रावधानों के अनुसार, छोटे और तकनीकी मामलों में केवल आर्थिक दंड (पेनल्टी) लगाया जाएगा। वहीं, गंभीर मामलों में भी अधिकतम सजा को घटाकर 2 साल कर दिया गया है, जिसे अदालत जुर्माने में तब्दील कर सकती है।
विदेशी संपत्ति को लेकर भी राहत
मोदी सरकार ने विदेशी संपत्ति से जुड़े नियमों में भी ढील दी है। अब 20 लाख रुपये से कम की विदेशी संपत्ति घोषित न करने पर
1 अक्टूबर 2024 से न तो कोई दंड लगेगा और न ही कोई आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा।
करदाताओं में बढ़ेगा भरोसा
सरकार का मानना है कि इन बदलावों से ईमानदार करदाताओं का डर कम होगा, मुकदमेबाजी घटेगी और टैक्स सिस्टम अधिक सरल व करदाता-अनुकूल बनेगा। विशेषज्ञों के मुताबिक यह कदम Ease of Doing Business और Tax Compliance को बढ़ावा देगा।
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