नई दिल्ली - संसद के मानसून सत्र में पिछले एक सप्ताह से जारी गतिरोध समाप्त होने के बाद मंगलवार को लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हो गई। आज का दिन विधायी कार्यवाही के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 यानी एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा होगी। इस विधेयक पर चर्चा के लिए शुरुआती तौर पर छह घंटे का समय तय किया गया है, जबकि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जरूरत पड़ने पर चर्चा का समय बढ़ाने की बात भी कही है।
पंजाब पेपर लीक मामले पर NDA सांसदों का प्रदर्शन
संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले एनडीए सांसदों ने संसद परिसर में पंजाब के कथित पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। सांसदों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए विपक्षी सरकार पर निशाना साधा।
सोमवार को हंगामे के बीच पेश हुआ था विधेयक
सोमवार को केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने विपक्ष के हंगामे और नारेबाजी के बीच सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 लोकसभा में पेश किया था। लगातार हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही दोपहर तक स्थगित करनी पड़ी थी और विधेयक पर चर्चा नहीं हो सकी थी।सरकार का कहना है कि यह विधेयक पेपर लीक, परीक्षा में धांधली और संगठित परीक्षा माफिया पर प्रभावी रोक लगाने के लिए लाया गया है।
राज्यसभा में MSME संशोधन विधेयक भी होगा पेश
राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी एमएसएमई विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करेंगे। इसके अलावा राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 पर भी आगे की चर्चा होगी, जिसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में पारित कराने का प्रस्ताव रखेंगे। साथ ही केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी, अनुप्रिया पटेल, बीएल वर्मा, शांतनु ठाकुर और हर्ष मल्होत्रा विभिन्न मंत्रालयों से जुड़े दस्तावेज सदन के पटल पर रखेंगे। संसदीय स्थायी समितियों की रिपोर्ट और उनकी सिफारिशों पर सरकार की कार्रवाई भी कार्यसूची का हिस्सा रहेगी।
मनीष तिवारी ने दिया स्थगन प्रस्ताव नोटिस
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस देकर 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई पर चर्चा की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) द्वारा कथित रूप से पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया, जिसमें 80 से अधिक लोग घायल हुए थे। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम पर सदन में विस्तृत चर्चा कराने की मांग की है।
देश की नजरें संसद की चर्चा पर
पेपर लीक विवाद और 36 दिनों तक चले छात्र आंदोलन के बाद देशभर की नजरें आज संसद में होने वाली चर्चा पर टिकी हैं। आंदोलन के बाद तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया था। इसके बाद सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय टास्क फोर्स गठित की है।
सरकार का दावा है कि नई व्यवस्था के जरिए परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जाएगा, जबकि विपक्ष छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली की विफलताओं को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है।