प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 और 8 फरवरी को मलेशिया की आधिकारिक यात्रा पर कुवालालंपुर जाएंगे। यह दौरा मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के आमंत्रण पर हो रहा है और इसे भारत-मलेशिया संबंधों को समग्र रणनीतिक साझेदारी के अगले चरण में आगे बढ़ाने वाला अहम कदम माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने गुरुवार को मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि इस यात्रा से भारत-ASEAN संबंध और मजबूत होंगे तथा कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को नई गति मिलेगी।
रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी नई दिशा
MEA के पूर्व सचिव पी. कुमारन के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी और अनवर इब्राहिम के बीच होने वाली द्विपक्षीय वार्ता में भारत-मलेशिया समग्र रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। बातचीत के प्रमुख एजेंडे में व्यापार, निवेश, रक्षा व सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, डिजिटल टेक्नोलॉजी, नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य और लोगों के बीच संपर्क जैसे विषय शामिल होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों देश रेलवे, नवीकरणीय ऊर्जा और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में सहयोग बढ़ाने पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
ASEAN में भारत की भूमिका को मिलेगा विस्तार
पी. कुमारन ने कहा कि यह दौरा ASEAN क्षेत्र के साथ भारत की भागीदारी को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगा। दोनों नेता साझा हितों से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा करेंगे और क्षेत्रीय स्थिरता व विकास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा करेंगे। इस दौरान कुवालालंपुर में भारत-मलेशिया CEO फोरम की 10वीं बैठक भी होगी, जहां प्रधानमंत्री मोदी मलेशिया के प्रमुख उद्योगपतियों से मुलाकात कर निवेश और व्यापार बढ़ाने पर संवाद करेंगे।
आर्थिक सहयोग और प्रवासी भारतीयों से संवाद
MEA ने बताया कि भारत और मलेशिया व्यापार को संतुलित और निरंतर बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसके तहत भारत-मलेशिया समग्र आर्थिक सहयोग समझौते (CECA) की संयुक्त समीक्षा पर भी चर्चा जारी है। यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी मलेशिया में रह रहे करीब 29 लाख भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत करेंगे, जो दोनों देशों के सामाजिक और सांस्कृतिक संबंधों की मजबूत कड़ी हैं।
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