प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना ने देशभर के करोड़ों किसानों को आर्थिक संबल प्रदान किया है। इस योजना के अंतर्गत योग्य किसानों को हर वर्ष 6,000 रुपये की सहायता राशि तीन समान किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। अपनी शुरुआत से अब तक यह योजना किसानों के जीवन में स्थिरता और राहत देने वाले सबसे बड़े कार्यक्रमों में शामिल हो चुकी है। अब तक कुल 21 किस्तें जारी की जा चुकी हैं, और इसी क्रम में किसान 22वीं किस्त की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
22वीं किस्त से पहले जानकारी अपडेट करना क्यों जरूरी है
कई बार मामूली सी त्रुटि भी बैंक खाते में किस्त को पहुंचने से रोक देती है। आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, नाम में असमानता या ई-केवाईसी से जुड़ी छोटी सी गलती भुगतान प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। सरकार किस्त जारी करने से पहले सभी रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से मिलान करती है, ऐसे में यदि किसी भी जानकारी में त्रुटि हो तो किस्त रुक सकती है। इसीलिए किसानों के लिए आवश्यक है कि वे किस्त जारी होने से पहले अपने सभी विवरण अपडेट कर लें।
घर बैठे ऐसे जांचें अपनी किस्त का स्टेटस
सबसे बड़ी सुविधा यह है कि किसान बिना किसी दफ्तर गए घर बैठे ही अपने भुगतान की पूरी स्थिति जांच सकते हैं। इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाना होता है। होमपेज पर उपलब्ध ‘Know Your Status’ विकल्प पर क्लिक करके रजिस्ट्रेशन नंबर डालना होता है। यदि रजिस्ट्रेशन नंबर उपलब्ध नहीं है, तो ‘Know Your Registration Number’ विकल्प की मदद से मोबाइल नंबर या आधार कार्ड के माध्यम से इसे प्राप्त किया जा सकता है। कैप्चा भरने के बाद ‘Get Details’ पर क्लिक करते ही पूरी स्थिति स्क्रीन पर दिखाई दे जाती है।
स्टेटस रिपोर्ट से क्या जानकारी मिलती है
स्टेटस रिपोर्ट से यह साफ हो जाता है कि आपकी प्रोफ़ाइल पूरी तरह अपडेट है या नहीं। इसमें यह भी पता चल जाता है कि बैंक विवरण या आधार सत्यापन में कोई त्रुटि तो नहीं है। यदि कोई गलती मिलती है, तो किसान तुरंत इसे ठीक करवा सकते हैं। यह सावधानी समय से पहले रखी जाए तो किस्त रुकने की संभावना समाप्त हो जाती है। स्टेटस अपडेट रहने का अर्थ है कि अगली किस्त समय पर किसान के खाते में पहुंच जाएगी।
फरवरी में आने की संभावना, समय रहते कर लें तैयारी
पिछली यानी 21वीं किस्त नवंबर माह में जारी की गई थी। सामान्य अंतराल के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि 22वीं किस्त फरवरी में जारी हो सकती है। सरकार किस्त जारी करने से पहले सभी रिकॉर्ड और ई-केवाईसी का सत्यापन करती है। इसी कारण किसानों को सलाह दी जाती है कि वे किस्त आने से पहले अपनी जानकारी की जांच अवश्य करें ताकि किसी भी प्रकार की दिक्कत न उत्पन्न हो।
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