प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना 2019 में शुरू की गई थी, ताकि छोटे और सीमांत किसानों को खेती से जुड़े खर्चों में राहत मिल सके। इस योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन बराबर किस्तों में दी जाती है। यह राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो जाती है और लाभ सीधे किसान तक पहुँचता है।
22वीं किस्त कब आ सकती है?
सरकार की ओर से अभी आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन पिछले वर्षों के ट्रेंड के आधार पर माना जा रहा है कि 22वीं किस्त फरवरी 2026 के आसपास जारी की जा सकती है। करोड़ों किसान इस किस्त का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि यह राशि उन्हें बीज, खाद, कीटनाशक और खेती से जुड़े अन्य खर्चों को पूरा करने में मदद करती है।
कितने किसान उठा रहे हैं लाभ?
सरकारी आँकड़ों के मुताबिक, अब तक 9 करोड़ से अधिक किसान इस योजना से जुड़ चुके हैं। 21 किस्तों के माध्यम से किसानों के खातों में हजारों करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए जा चुके हैं। इस योजना ने न केवल किसानों को आर्थिक राहत दी है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी स्थिरता प्रदान की है।
आपकी किस्त न रुके- इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप चाहते हैं कि 22वीं किस्त बिना किसी रुकावट के आपके खाते में पहुँचे, तो कुछ ज़रूरी औपचारिकताएँ पूरी होनी चाहिए। आपका बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक होना आवश्यक है और ई–केवाईसी अपडेट होनी चाहिए। साथ ही भूमि रिकॉर्ड सही और अद्यतन होने चाहिए। यदि इन प्रक्रियाओं में कोई कमी रह जाती है, तो आपकी किस्त अटक सकती है। इसलिए किसान समय रहते अपने दस्तावेज़ों की जाँच कर लें।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था में योजना का बढ़ता प्रभाव
PM किसान सम्मान निधि योजना ने छोटे और सीमांत किसानों को निश्चित आय का भरोसा दिया है। इससे उन्हें खेती से जुड़े खर्चों की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलती है। कई किसान बताते हैं कि इस योजना से मिलने वाली राशि ने कठिन समय में उनके लिए सहारा साबित किया है। यह योजना धीरे–धीरे किसानों की वित्तीय स्थिरता का महत्वपूर्ण स्तंभ बनती जा रही है।
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