राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद में भारत-ग्राम कानून की घोषणा करते हुए कहा कि यह कानून ग्रामीण इलाकों में रोज़गार और विकास सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है। राष्ट्रपति ने कहा, ग्रामीण इलाकों में रोज़गार और विकास के लिए विकसित भारत-ग्राम कानून बनाया गया है। इस नए सुधार से गांवों में 125 दिनों के रोज़गार की गारंटी मिलेगी।
G-RAM-G कानून को विपक्ष ने विरोध किया
संसद में इस घोषणा के दौरान NDA-BJP सांसदों ने तालियों की गड़गड़ाहट और मेजें थपथपाकर समर्थन जताया, वहीं विपक्षी सांसद खड़े होकर कानून वापस लेने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
राष्ट्रपति ने संविधान और सामाजिक न्याय पर भी जोर देते हुए कहा बाबासाहेब अंबेडकर ने हमेशा समानता और सामाजिक न्याय पर जोर दिया। हमारा संविधान भी हमें यही प्रेरणा देता है।
G-RAM-G / भारत-ग्राम कानून – उद्देश्य और विशेषताएँ
ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना
कानून का मुख्य उद्देश्य गांवों और ग्रामीण इलाकों के सामाजिक और आर्थिक विकास को सुनिश्चित करना है।
रोज़गार की गारंटी
इस कानून के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 125 दिनों का रोज़गार लोगों को उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
इससे ग्रामीण मजदूरों और श्रमिकों की आय स्थिर होगी।
समान अवसर और न्याय
कानून सामाजिक न्याय और समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है।
किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा, जैसा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्पष्ट किया।
संवैधानिक प्रेरणा
कानून संविधान के मूल सिद्धांतों, विशेषकर समानता और सामाजिक न्याय, से प्रेरित है।
बाबासाहेब अंबेडकर के विचारों को ध्यान में रखकर बनाया गया।
सरकारी निगरानी और कार्यान्वयन
इसे लागू करने की जिम्मेदारी केंद्र और राज्य सरकारों की है।
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास के कार्यों पर निगरानी रखी जाएगी।
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