डूंगरपुर, राजस्थान: जिले की आदिवासी समाज सुधार महासमिति ने नाबालिग और अविवाहित लड़कियों के मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्णय सरोदा ग्राम पंचायत में आयोजित बैठक में लिया गया, जिसमें 16 गांवों के पंच और समाज के प्रबुद्धजन शामिल हुए।
दहेज और फिजूलखर्ची का विरोध
बैठक में समाज सुधार के अन्य पहलुओं पर भी चर्चा हुई। महासमिति ने लड़कियों के त्योहारों के दौरान अनावश्यक बाजार में घूमने-फिरने पर रोक लगाने का फैसला किया। साथ ही विवाह में दहेज और फिजूलखर्ची का विरोध किया गया।
कपड़ा प्रथा को समाप्त करना
सामाजिक आयोजनों में तेज आवाज वाले म्यूजिक सिस्टम पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया, जबकि पारंपरिक वाद्य यंत्रों को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई। इसके अलावा, कपड़ा प्रथा को समाप्त करने और युवाओं के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य करने जैसे सुधारों पर भी सहमति बनी। समिति का कहना है कि ये कदम समाज में पारंपरिक मूल्यों को बनाए रखते हुए युवाओं और लड़कियों की सुरक्षा और सामाजिक सुधार को सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए हैं।
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