तीनों सेनाओं की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ मार्चिंग दल का पुरस्कार भारतीय नौसेना ने अपने नाम किया। 144 युवा नौसैनिकों से सुसज्जित इस दल ने कर्तव्य पथ पर अनुशासन, समन्वय और आत्मविश्वास का अद्भुत प्रदर्शन किया। यह मार्च केवल सैन्य कौशल का नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती समुद्री शक्ति और रणनीतिक क्षमता का सशक्त प्रतीक भी था।
दिल्ली पुलिस को सहायक बलों में पहला स्थान
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और अन्य सहायक बलों की श्रेणी में दिल्ली पुलिस के मार्चिंग दल को सर्वश्रेष्ठ चुना गया। अनुशासित कदमताल और एकरूपता ने यह संदेश दिया कि आंतरिक सुरक्षा में लगे बल भी राष्ट्रीय परेड में उतनी ही गरिमा और दक्षता के साथ भाग लेते हैं।
झांकियों में महाराष्ट्र ने मारी बाजी
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियों में महाराष्ट्र प्रथम स्थान पर रहा। झांकी में गणेश उत्सव को परंपरा और आधुनिकता के संतुलन के साथ प्रस्तुत किया गया। आत्मनिर्भर भारत का संदेश, पारंपरिक वेशभूषा और महिलाओं द्वारा प्रस्तुत लेजिम लोकनृत्य ने दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित किया। इस श्रेणी में जम्मू-कश्मीर को दूसरा और केरल को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ।
संस्कृति मंत्रालय की झांकी रही सर्वश्रेष्ठ
मंत्रालयों और विभागों की श्रेणी में संस्कृति मंत्रालय की झांकी को सर्वश्रेष्ठ चुना गया। झांकी ने ‘वंदे मातरम’ गीत की 150 वर्षों की गौरवशाली यात्रा को जीवंत किया। बंकिम चंद्र चटर्जी की मूल रचना, स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी स्मृतियाँ और 1928 की दुर्लभ रिकॉर्डिंग का उल्लेख इस प्रस्तुति को ऐतिहासिक गहराई प्रदान करता है। इसमें परंपरा के साथ-साथ जेन-जी कलाकारों की भागीदारी ने वर्तमान और अतीत को जोड़ा।
सीपीडब्ल्यूडी और विशेष प्रस्तुतियों को सम्मान
केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) को उनकी पुष्प सज्जा वाली झांकी के लिए विशेष पुरस्कार प्रदान किया गया। साथ ही ‘वंदे मातरम’ डांस ग्रुप को भी उनकी कलात्मक प्रस्तुति के लिए सम्मानित किया गया, जिसने राष्ट्रभक्ति की भावना को सशक्त रूप में अभिव्यक्त किया।
सम्मान समारोह और राष्ट्रीय संदेश
इन सभी विजेताओं को 30 जनवरी को राष्ट्रीय रंगशाला कैंप में आयोजित विशेष समारोह में सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार केवल प्रतिस्पर्धा का परिणाम नहीं, बल्कि भारत की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक समृद्धि और राष्ट्रीय एकता का उत्सव हैं।
Comments (0)