अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। गुरुवार को सोना 5,591.61 डॉलर प्रति औंस के नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया, जबकि स्पॉट गोल्ड 2.1 प्रतिशत की तेजी के साथ 5,511.79 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता नजर आया। विशेषज्ञों के अनुसार, यह तेजी केवल सट्टा नहीं बल्कि वैश्विक आर्थिक अस्थिरता की प्रतिक्रिया है।
चांदी ने भी निवेशकों को चौंकाते हुए नया इतिहास रच दिया। स्पॉट सिल्वर 118 डॉलर प्रति औंस के पार पहुंच गई और कारोबार के दौरान 119.34 डॉलर प्रति औंस का ऑल-टाइम हाई छू लिया। यह संकेत देता है कि चांदी अब केवल औद्योगिक धातु नहीं, बल्कि मजबूत निवेश विकल्प बन चुकी है।
भारतीय बाजार में रिकॉर्ड तोड़ तेजी
घरेलू बाजार में भी कीमती धातुओं की चमक कम नहीं हुई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना 1,66,355 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जबकि चांदी 3,86,530 रुपये प्रति किलो के स्तर तक पहुंच गई। बाजार सूत्रों का मानना है कि मजबूत वैश्विक संकेतों के कारण घरेलू कीमतों में और तेजी संभव है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के संकेत और असर
अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है। फेड चेयर जेरोम पॉवेल के बयान कि महंगाई अभी भी 2 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर है, ने निवेशकों को सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर मोड़ा। ऐसे माहौल में सोना और चांदी सबसे भरोसेमंद विकल्प के रूप में उभरे हैं।
भू-राजनीतिक तनाव से बढ़ी सुरक्षित निवेश की मांग
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव भी कीमती धातुओं की कीमतों में उछाल का बड़ा कारण है। परमाणु समझौते को लेकर कड़े बयानों और संभावित सैन्य कार्रवाई की आशंकाओं ने वैश्विक बाजारों में डर का माहौल बनाया है। इसका सीधा फायदा सोने और चांदी को मिला है, जिन्हें पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश माना जाता है।
क्रिप्टो कंपनियों की रणनीति और सोने की मांग
रिपोर्ट्स के अनुसार, क्रिप्टो कंपनी टेदर अपने पोर्टफोलियो का एक बड़ा हिस्सा भौतिक सोने में निवेश करने की योजना बना रही है। इस कदम से यह स्पष्ट होता है कि डिजिटल एसेट कंपनियां भी पारंपरिक सुरक्षित निवेश की ओर लौट रही हैं। इससे सोने की मांग को अतिरिक्त समर्थन मिला है।
चांदी की अलग पहचान और भविष्य की राह
चांदी की कीमतों में आई तेजी केवल सोने की नकल नहीं है। औद्योगिक मांग, सीमित आपूर्ति और सोने के मुकाबले सस्ते विकल्प के रूप में इसकी बढ़ती लोकप्रियता ने इसे नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। इस साल अब तक चांदी में 60 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी यह संकेत देती है कि आने वाले समय में भी इसकी चमक बरकरार रह सकती है।
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