मंगलवार रात करीब 10.12 बजे मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले के सोनमर्ग रिजॉर्ट क्षेत्र में अचानक हिमस्खलन हुआ। भारी बर्फ के खिसकने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कई होटल इसकी चपेट में आ गए। राहत की बात यह रही कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। प्रशासन ने तुरंत स्थिति का आकलन शुरू कर दिया और संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई।
प्रशासन और राहत एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई
हिमस्खलन की सूचना मिलते ही बचाव दलों को घटनास्थल पर रवाना किया गया। स्थानीय प्रशासन, आपदा प्रबंधन टीमें और सुरक्षाबल स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मौसम प्रतिकूल होने के बावजूद राहत और निगरानी कार्य बिना रुके जारी है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
पहाड़ी राज्यों में लगातार जारी बर्फबारी
जम्मू-कश्मीर सहित अन्य पहाड़ी राज्यों में पिछले कई दिनों से भारी बर्फबारी हो रही है। इसी को देखते हुए मौसम विभाग पहले ही हिमस्खलन की चेतावनी जारी कर चुका था। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार और घनी बर्फबारी के कारण ऊपरी इलाकों में बर्फ का दबाव बढ़ गया है, जिससे हिमस्खलन का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
11 जिलों में हिमस्खलन की चेतावनी
जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (JKUTDMA) ने गंदरबल, अनंतनाग, बांदीपोरा, बारामूला, कुलगाम और कुपवाड़ा सहित कश्मीर के 11 जिलों में हिमस्खलन को लेकर चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही जम्मू क्षेत्र के डोडा, किश्तवाड़, पुंछ, राजौरी और रामबन जिलों को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
हवाई और सड़क यातायात पूरी तरह प्रभावित
भारी बर्फबारी का असर यातायात व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दिया। मंगलवार को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद रहा, जिससे आवश्यक सेवाओं और सशस्त्र बलों की आवाजाही प्रभावित हुई। वहीं श्रीनगर एयरपोर्ट पर हालात और भी गंभीर रहे, जहां रनवे असुरक्षित होने के कारण कुल 58 फ्लाइट्स रद्द कर दी गईं। इनमें 29 आने वाली और 29 जाने वाली उड़ानें शामिल थीं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सड़क साफ करने और बहाली का अभियान जारी
प्रशासन की ओर से सड़कों से बर्फ हटाने और यातायात बहाल करने के लिए युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है। मशीनरी और अतिरिक्त कर्मियों को तैनात किया गया है, ताकि हालात सामान्य किए जा सकें। अधिकारियों का कहना है कि मौसम में सुधार होते ही प्राथमिकता के आधार पर राजमार्ग और हवाई सेवाओं को बहाल किया जाएगा।
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