प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में टीना अंबानी को पूछताछ के लिए तलब किया था। सोमवार को पेश न होने के बाद अब एजेंसी जल्द ही उन्हें नया समन भेजने जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, इस पूछताछ का दायरा न्यूयॉर्क के मैनहट्टन स्थित एक महंगे कॉन्डोमिनियम की खरीद से जुड़े मनी ट्रेल की जांच से जुड़ा है। माना जा रहा है कि एजेंसी जानना चाहती है कि इस प्रॉपर्टी के फंड का स्रोत क्या था और उसकी संरचना किस प्रकार बनाई गई।
टीना अंबानी से जुड़े सवालों का दायरा
फिल्म अभिनेत्री से उद्योगपति बनीं टीना अंबानी के सामने कई महत्वपूर्ण प्रश्न रखे जा सकते हैं। एजेंसी इस लेनदेन में संभावित फंडिंग स्रोत, विदेशों में किए गए निवेश, और संबंधित व्यक्तियों व कंपनियों के संबंधों को समझना चाहती है। यह जांच बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं को जोड़कर देखी जा रही है, जिनके तार ADAG समूह की जांच से जुड़ते दिखाई दे रहे हैं।
पुनीत गर्ग की गिरफ्तारी और मामला कैसे गंभीर हुआ
इस केस में प्रवर्तन निदेशालय ने कुछ दिन पहले RCOM के पूर्व प्रेसिडेंट पुनीत गर्ग को गिरफ्तार किया था। उनकी गिरफ्तारी से मामले का दायरा और गहरा हुआ है, क्योंकि माना जा रहा है कि गर्ग कई वित्तीय लेनदेन और कंपनियों की संरचना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे। ED उनसे मिली जानकारी के आधार पर कई नए पहलुओं की जांच कर रही है, जिनमें विदेशी प्रॉपर्टी निवेश प्रमुख है।
ADAG समूह पर बढ़ी निगरानी
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर ED ने हाल ही में अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप (ADAG) से जुड़े कथित बैंक धोखाधड़ी और वित्तीय विसंगतियों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित किया है। SIT के गठन के बाद जांच की गति तेज हो गई है। वित्तीय मामलों में विदेशी निवेश और फंड मूवमेंट की कड़ी जांच की जा रही है। टीना अंबानी से पूछताछ भी इसी व्यापक पड़ताल का हिस्सा है।
क्या हो सकती हैं आगामी कार्रवाइयाँ
एजेंसी की अगली कार्रवाई की दिशा समन के बाद टीना अंबानी के बयान और दस्तावेजों के सहयोग पर निर्भर करेगी। पूछताछ के बाद ED अपनी जांच को और विस्तृत कर सकती है। यदि इस लेनदेन में फंड के स्रोत में गड़बड़ी या अनियमितता पाई गई, तो मामले में अन्य बड़े कदम भी उठाए जा सकते हैं।
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