भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 30 जनवरी की रात से एक शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय हो रहा है, जिसका असर 2 फरवरी तक बना रहेगा। इस सिस्टम के प्रभाव से तापमान में गिरावट, तेज हवाएं, बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी देखने को मिलेगी। विशेषज्ञों के मुताबिक यह पश्चिमी विक्षोभ इस सीजन के अधिक प्रभावशाली सिस्टमों में से एक है।
पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी से जनजीवन अस्त-व्यस्त
जम्मू-कश्मीर के गुरेज सेक्टर में बर्फीले तूफान ने करीब 100 घरों को नुकसान पहुंचाया है। इसके बावजूद भारतीय सेना की ‘स्नो क्रिकेट लीग’ का आयोजन जारी रहना क्षेत्र की जिजीविषा को दर्शाता है। उत्तराखंड के टिहरी जिले के चिरबिटिया और कद्दूखाल इलाकों में भारी बर्फबारी के कारण लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं। प्रशासन ने पांच दिनों से बंद घुत्तू–गंगी मार्ग को बहाल कर कई गांवों का संपर्क फिर से शहरों से जोड़ा है।
मैदानी इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि की मार
मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। गेहूं और चने की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव ने सरकार से प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा देने की मांग की है। उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
दिल्ली-NCR में ठंड, बारिश और तेज हवाओं का असर
दिल्ली और एनसीआर में पिछले तीन दिनों के दौरान दो दिन बारिश दर्ज की गई, जबकि बादलों की आवाजाही लगातार बनी रही। अधिकतम तापमान 18.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 12.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 4 फरवरी तक मौसम में खास सुधार नहीं होगा। 31 जनवरी और 1 फरवरी को हल्की बारिश, बादल और रात के समय गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
1 फरवरी को चरम पर रहेगा पश्चिमी विक्षोभ का असर
IMD के अनुसार 31 जनवरी से 2 फरवरी के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में नया पश्चिमी विक्षोभ पूरी तरह सक्रिय रहेगा। 1 फरवरी को इसका सबसे अधिक प्रभाव जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में देखने को मिलेगा। इन क्षेत्रों में मैदानी हिस्सों में भारी बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बर्फबारी की संभावना है, जिससे भूस्खलन और यातायात बाधित होने का खतरा बना रहेगा।
घना कोहरा और शीत लहर की चेतावनी
2 फरवरी तक कई इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा छाने की संभावना है। 30 जनवरी तक जम्मू-कश्मीर, लद्दाख-गिलगित और ओडिशा में घना कोहरा रह सकता है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में 31 जनवरी तक ठंड और कोहरे का असर बना रहेगा। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और बिहार में 30–31 जनवरी को घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है, जबकि हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 29 से 31 जनवरी के बीच शीत लहर का प्रकोप महसूस किया जाएगा।
सतर्कता और तैयारी की जरूरत
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए, जबकि किसानों और प्रशासन को फसल और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा पर ध्यान देना होगा। आने वाले कुछ दिन उत्तर भारत के लिए मौसम की दृष्टि से चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं।
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