छठ पूजा 2025: जानें क्या करें और क्या नहीं, व्रत के जरूरी नियम
छठ महापर्व के दौरान सूर्य देव और छठी मैया की पूजा की जाती है। आज 25 अक्टूबर से छठ महापर्व की शुरुआत हो गई है जिसका समापन 28 अक्टूबर को उषा अर्घ्य के साथ होगा।
Img Banner
profile
Richa Gupta
Created AT: 25 अक्टूबर 2025
1740
0
...

छठ महापर्व के दौरान सूर्य देव और छठी मैया की पूजा की जाती है। आज 25 अक्टूबर से छठ महापर्व की शुरुआत हो गई है जिसका समापन 28 अक्टूबर को उषा अर्घ्य के साथ होगा। चार दिनों तक चलने वाले इस छठ महापर्व में खास रूप से पूजा-अर्चना की जाती है। छठ पूजा के दौरान कई नियमों का भी खास ध्यान रखना होता है। छोटी सी गलती से छठी मैया नाराज हो जाती है और व्रत का फल नहीं मिलता है। चलिए जानते हैं कि, छठ पूजा के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. छठ महापर्व पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए।


छठ महापर्व के दौरान क्या करें?


  1. छठ महापर्व के सभी चारों दिन आपको सुबह स्नान कर घर की साफ-सफाई करनी चाहिए। इसके साथ ही पूजा स्थल को साफ करना चाहिए।
  2. छठ महापर्व के दौरान केवल घर का बना खाना ही खाएं। साफ और स्वच्छ वस्त्र पहनें। व्रती लोग नए कपड़े पहनें। इस दिन नए कपड़े पहनना शुभ होता है।
  3. व्रत करने वाले को बिस्तर पर नहीं सोना चाहिए। व्रती को जमीन पर चादर बिछाकर सोना चाहिए।
  4. छठ के दौरान प्रसाद चढ़ाने के लिए बांस के सूप या टोकरी का इस्तेमाल करें। इसके अलावा प्रसाद बनाने के लिए मिट्टी के चूल्हे का प्रयोग करें।


छठ महापर्व के दौरान क्या न करें?

  1. छठ महापर्व के दौरान व्रती के अलावा घर में किसी को भी लहसुन और प्याज का सेवन नहीं करना चाहिए। यह अशुभ माना जाता है।
  2. मांस-मदिरा का सेवन न करें और न ही किसी के साथ झगड़ा करें और विवाद में पड़ें।
  3. किसी के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल न करें और न ही किसी के लिए बुरी भावना रखें। आपको अर्घ्य देने के बाद ही प्रसाद ग्रहण करना चाहिए।
  4. घर में शांति पूर्ण माहौल रहना चाहिए। किसी भी तरह की कलह और गुस्सा का माहौल घर में पैदा न होने दें। आपको छठ पूजा पर इन बातों का ध्यान रखना चाहिए।


छठ महापर्व की तारीख


आज 25 अक्टूबर से छठ पर्व की शुरुआत हो गई है जिसका समापन 28 अक्टूबर को होगा। आज 25 अक्टूबर को नहाय खाय है। रविवार 26 अक्टूबर को खरना पूजा, सोमवार 27 अक्टूबर को संध्या अर्घ्य और मंगलवार 28 अक्टूबर को उषा अर्घ्य है। इस प्रकार चार दिन के छठ महापर्व की तारीख रहेगी।

ये भी पढ़ें
सीएम की घोषणा,कटंगी और पौड़ी बनेगी तहसील,लाड़ली बहना योजना सम्मेलन में शामिल हुए सीएम
...

Spiritual

See all →
Sanjay Purohit
पौष अमावस्या 2025: इस दिन है मिनी पितृ पक्ष की अमावस्या
पौष अमावस्या पितरों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है. इस दिन किए गए पुण्य कर्म न सिर्फ पूर्वजों को शांति प्रदान करते हैं, बल्कि आने वाले समय में जीवन को सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा से भर देते हैं.
24 views • 12 hours ago
Sanjay Purohit
16 दिसंबर से लग रहा खरमास, भूलकर भी न करें ये काम
खरमास की शुरुआत इस बार 16 दिसंबर 2025, मंगलवार से हो रही है. इसके बाद 15 जनवरी को जब भगवान सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे तो खरमास समाप्त हो जाएगा. ज्योतिषियों के अनुसार, इस समय कुछ कार्यों को करने में सावधानी अवश्य बरतनी चाहिए.
125 views • 2025-12-11
Sanjay Purohit
प्रेमानंद महाराज से मिले जुबिन नौटियाल
अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों के दिलों में जगह बनाने वाले लोकप्रिय गायक जुबिन नौटियाल हाल ही में धार्मिक नगरी वृंदावन पहुंचे। यहां उन्होंने कुंज आश्रम जाकर संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की और आशीर्वाद प्राप्त किया।
101 views • 2025-12-11
Sanjay Purohit
क्या दान न देने पर श्राप लगता है? क्या कहा प्रेमानंद महाराज ने ?
हिंदू धर्म में दान-पुण्य करने की पंरपरा सदियों से चली आ रही है. लोग अपनी क्षमता के अनुसार, जरूरतमंदों को और अन्य धार्मिक जगहों पर दान दिया करते हैं. मान्यता है कि दान-पुण्य करने से भगवान की कृपा प्राप्त होती है. जीवन के सभी दुख दूर हो जाते हैं. हालांकि, कई बार जब लोग दान नहीं देते हैं, तो मन में ये सवाल आता है कि क्या अगर दान न दें तो पाप के भागी बन जाएंगे.
68 views • 2025-12-09
Sanjay Purohit
आंखों में छिपा है जीवन का रहस्य, ग्रहों के माध्यम से जानें नेत्र से व्यक्तित्व
ज्योतिष को वेदों का नेत्र कहा गया है, जो व्यक्ति के भविष्य को जानने में सहायक है। नेत्रों के आकार, रंग और भावों से चरित्र, स्वभाव और अंतर्निहित शक्तियों का पता चलता है। विभिन्न ग्रहों का प्रभाव भी नेत्रों के स्वरूप और व्यक्ति के व्यक्तित्व पर पड़ता है।
57 views • 2025-12-08
Sanjay Purohit
माघ मेला 2026: क्या है दंडी बाड़ा? कैसी है दंडी संन्यासियों की दुनिया
माघ मेला में दंडी बाड़ा का बड़ा महत्व माना जाता है। इस बार प्रयागराज के माघ मेला में दंडी संत-संन्यासियों से फिर मिलने का भक्तों को अवसर मिल सकता है। दंडी संन्यासी बनने के लिए कठोर नियमों का पालन करना पड़ता है।
185 views • 2025-12-06
Sanjay Purohit
सुख-समृद्धि के लिए किचन से जुड़े इन वास्तु नियमों का रखें ध्यान, बनी रहेगी मां अन्नपूर्णा की कृपा
रसोई में मां अन्नपूर्णा की तस्वीर लगाना एक धार्मिक परंपरा है जो भोजन के प्रति कृतज्ञता को दर्शाती है। ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य लाभ आता है। यही वजह है कि रसोई से जुड़े कुछ नियमों का सभी को जरूर ध्यान रखना चाहिए।
73 views • 2025-12-05
Sanjay Purohit
विवाह में दुल्हन को क्यों पहनाया जाता है लाल जोड़ा?
हिंदू धर्म में 16 संस्कारों के बारे में बताया गया है. इन्हीं संस्कारों में एक संस्कार है विवाह. विवाह के बाद गृहस्थ जीवन की शुरुआत हो जाती है. हिंदू विवाह में कई परंपराएं रस्में की जाती हैं, जो बहुत ही विशेष और महत्वपूर्ण होती हैं.
458 views • 2025-12-03
Richa Gupta
भगवद गीता का पूरा लाभ पाने के लिए इन महत्वपूर्ण नियमों का पालन करें
गीता जयंती 2025 पर भगवद गीता का पाठ करते समय इन जरूरी नियमों का पालन करें और जीवन में इसके उपदेशों से पूर्ण लाभ प्राप्त करें।
184 views • 2025-11-29
Sanjay Purohit
रोज शाम को घर में इन जगहों पर जलाए दीपक, बढ़ेगी सुख-समृद्धि!
हिंदू धर्म में शाम का समय बहुत पावन माना जाता है.वास्तु और ज्योतिष शास्त्र में इस समय में घर के कुछ विशेष स्थानों पर दीपक जलाने के लिए कहा गया है. इस स्थानों पर रोज शाम के समय घी या तेल का दीपक जलाना चाहिए.
142 views • 2025-11-28
...