उत्तर प्रदेश: वाराणसी में आधुनिक सुविधाओं के साथ घर का सपना पूरा करने की दिशा में ‘आनंद काशी’ टाउनशिप योजना आगे बढ़ रही है। कल्लीपुर में करीब 77 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही इस टाउनशिप की रिपोर्ट शासन स्तर से पीएमओ को भेजी जा चुकी है। रेरा अनुमोदन की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही प्लॉट के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। योजना में आवासीय प्लॉट के साथ व्यावसायिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य सुविधाओं को भी शामिल किया गया है। खास बात यह है कि टाउनशिप को काशी की सांस्कृतिक पहचान से जोड़कर विकसित करने की योजना है।
पहले चरण में 1,004 आवासीय प्लॉट
वाराणसी विकास प्राधिकरण यानी वीडीए के मुताबिक ‘आनंद काशी’ टाउनशिप के पहले चरण में 1,004 आवासीय प्लॉट विकसित किए जा रहे हैं। इन प्लॉट का कुल क्षेत्रफल करीब 4,56,398.69 वर्गमीटर बताया गया है। लोगों की जरूरत के अनुसार प्लॉट अलग-अलग आकार में उपलब्ध होंगे। इनमें 72, 162, 200 और 288 वर्गमीटर के प्लॉट शामिल हैं। आवासीय प्लॉट के अलावा तीन ग्रुप हाउसिंग भूखंड भी प्रस्तावित किए गए हैं। वहीं, 108 व्यावसायिक भूखंड विकसित करने की योजना है। टाउनशिप में शैक्षणिक संस्थान, हेल्थकेयर सेंटर और कम्युनिटी सेंटर के लिए भी जगह निर्धारित की गई है। इसके अलावा दो यूटिलिटी भूखंड भी योजना का हिस्सा होंगे।
केंद्रीय पार्क में दिखेगी काशी की झलक
‘आनंद काशी’ को केवल घरों की कॉलोनी के तौर पर विकसित करने के बजाय काशी की पहचान से जोड़ने की योजना बनाई गई है। टाउनशिप में करीब दो हेक्टेयर क्षेत्र में एक केंद्रीय पार्क विकसित किया जाएगा। पार्क में नटराज की प्रतिमा के साथ केंद्रीय प्लाजा और फव्वारे बनाए जाने का प्रस्ताव है। यहां ओपन लॉन और एम्फीथिएटर जैसी सुविधाएं भी होंगी। बच्चों के खेलने के लिए अलग स्थान और मेडिटेशन गार्डन भी प्रस्तावित है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग जोन विकसित करने की योजना है। जॉगिंग ट्रैक और पैदल चलने के लिए पाथवे भी बनाए जाएंगे। पार्क के आसपास पैदल-अनुकूल मार्केट प्लाजा विकसित करने की भी योजना है।
हरियाली के साथ आधुनिक सुविधाओं पर जोर
टाउनशिप की योजना में पर्यावरण और हरियाली को भी खास महत्व दिया गया है। इसकी सीमा के पास करीब 3.71 एकड़ क्षेत्र में मियावाकी वन विकसित करने का प्रस्ताव है। योजना के तहत कम से कम 15 प्रतिशत क्षेत्र को हरित क्षेत्र के रूप में रखने का प्रावधान किया गया है। टाउनशिप में 9, 12, 18 और 24 मीटर चौड़ी सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इससे अलग-अलग हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर बनाने की योजना है। जलापूर्ति और सीवरेज जैसी बुनियादी सुविधाओं को भी विकसित किया जा रहा है। बिजली व्यवस्था के साथ वर्षाजल निकासी की सुविधा भी योजना में शामिल है। इन सभी सुविधाओं को अलग-अलग चरणों में विकसित किए जाने की तैयारी है।
रेरा मंजूरी के बाद शुरू हो सकता है पंजीकरण
‘आनंद काशी’ टाउनशिप के प्लॉट के पंजीकरण का रास्ता रेरा की मंजूरी के बाद साफ हो सकता है। वीडीए उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा के मुताबिक रेरा अनुमोदन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। योजना के मुताबिक प्रक्रिया आगे बढ़ी तो अगले सप्ताह से प्लॉट के पंजीकरण की शुरुआत हो सकती है। टाउनशिप से जुड़ी रिपोर्ट शासन स्तर से पीएमओ को भी भेजी जा चुकी है। वीडीए के अनुसार, काशी की थीम पर विकसित होने वाली यह पहली समेकित गेटेड सिटी होगी। करीब तीन दशक बाद वाराणसी में इस तरह की टाउनशिप विकसित की जा रही है। योजना से क्षेत्र में आवासीय गतिविधियों के साथ व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।