लखनऊ: उत्तरप्रदेश में बाढ़ का संकट गहराने लगा है। प्रदेश के तीन जिले बाढ़ की चपेट में हैं, जबकि चार नदियां उफान पर बताई जा रही हैं। राजधानी लखनऊ के फैजुल्लागंज में हालात गंभीर बने हुए हैं। यहां 40 हजार से ज्यादा घर बाढ़ के पानी से घिरे हैं और तीन लाख से अधिक की आबादी प्रभावित बताई जा रही है। कई गली-मोहल्लों में नावों के सहारे आवाजाही हो रही है। दूसरी ओर, लखनऊ में डेंगू के मामले भी बढ़ने लगे हैं। पिछले 24 घंटे में 34 नए केस सामने आए हैं। वहीं, सीतापुर में शारदा-बनबसा बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद 20 से ज्यादा गांवों में पानी घुस गया है।
लखनऊ के फैजुल्लागंज में बाढ़ से बिगड़े हालात
राजधानी लखनऊ के फैजुल्लागंज इलाके में बाढ़ के पानी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई रिहायशी इलाकों में पानी भरने से लोगों को रोजमर्रा के कामों में परेशानी हो रही है। बताया जा रहा है कि 40 हजार से ज्यादा घर बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं और तीन लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं।कई गलियों और मोहल्लों में पानी भरने के कारण नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। कुछ परिवारों ने अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण ली है। जलभराव के चलते आवागमन, जरूरी सामान की उपलब्धता और सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
लखनऊ में डेंगू के 34 नए मामले, अस्पतालों में पहुंच रहे मरीज
बाढ़ के संकट के बीच लखनऊ में डेंगू के मामले भी चिंता बढ़ा रहे हैं। पिछले 24 घंटे में डेंगू के 34 नए मरीज सामने आने की जानकारी है। सर्दी, जुकाम और बुखार जैसे लक्षणों के साथ मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। जांच के बाद कुछ मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो रही है।लोहिया अस्पताल, केजीएमयू और बलरामपुर अस्पताल में मरीजों के भर्ती होने की जानकारी सामने आई है। बारिश और जलभराव के दौरान मच्छरों के पनपने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों को आसपास पानी जमा नहीं होने देने, पानी की टंकियों को ढककर रखने और बुखार होने पर डॉक्टर से परामर्श लेने की सलाह दी जाती है।
सीतापुर के 20 से ज्यादा गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
सीतापुर में शारदा-बनबसा बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद बाढ़ की स्थिति गंभीर होने लगी है। 20 से ज्यादा गांव पानी से घिर गए हैं। कई रास्ते जलमग्न हो चुके हैं, जिससे ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।सरकारी स्कूलों में भी चार से पांच फीट तक पानी भरने की जानकारी सामने आई है। जलभराव के कारण स्कूलों और आसपास के इलाकों में सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ का पानी बढ़ने से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने और जरूरी सामान जुटाने में कठिनाई हो रही है।
गोंडा में घाघरा नदी का जलस्तर फिर बढ़ा
गोंडा में घाघरा नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। नदी के किनारों पर कटान तेज होने से आसपास के इलाकों में चिंता बढ़ गई है। नदी के पास रहने वाले लोगों के लिए कटान से जमीन और घरों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है।जलस्तर में लगातार बदलाव के बीच नदी किनारे के गांवों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हालात पर नजर रखना और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना महत्वपूर्ण है।
यूपी में बाढ़ और डेंगू से बढ़ी दोहरी चुनौती
उत्तर प्रदेश में एक ओर बाढ़ के कारण कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित है, वहीं दूसरी ओर लखनऊ में डेंगू के बढ़ते मामले स्वास्थ्य संबंधी चिंता बढ़ा रहे हैं। फैजुल्लागंज में बड़े पैमाने पर जलभराव, सीतापुर के गांवों में पानी घुसने और गोंडा में घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर ने स्थिति को चुनौतीपूर्ण बना दिया है।बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को गहरे पानी और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहना चाहिए। जलभराव वाले रास्तों पर बिना जानकारी के जाने से बचें और प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।