नई दिल्ली | दिल्ली में INDI गठबंधन और विभिन्न संगठनों के विरोध प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। राजधानी में करीब 20,000 अर्धसैनिक बलों के जवानों को अगले एक महीने तक तैनात रखने की तैयारी है। सूत्रों के मुताबिक, विरोध प्रदर्शनों के साथ आगामी त्योहारों के दौरान बाजारों, रेलवे स्टेशनों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। दिल्ली पुलिस ने भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी और सुरक्षा इंतजाम बढ़ा दिए हैं।
जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थलों की सूची से बाहर
दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के लिए अब रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के CBD मैदान को निर्धारित स्थल बनाया गया है। वहीं, जंतर-मंतर को प्रदर्शन के लिए तय स्थलों की नई सूची से बाहर कर दिया गया है। जंतर-मंतर नई दिल्ली के संवेदनशील सेंट्रल जोन में स्थित है और लंबे समय से राजनीतिक तथा सामाजिक आंदोलनों का प्रमुख केंद्र रहा है। सूत्रों के अनुसार, नए प्रदर्शन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत ऑडिट पूरा कर लिया गया है। नई व्यवस्था के तहत विरोध प्रदर्शन निर्धारित स्थानों पर कराने पर जोर दिया जाएगा, ताकि संवेदनशील इलाकों में भीड़ के जमावड़े और यातायात संबंधी समस्याओं को नियंत्रित किया जा सके।
दिल्ली बॉर्डर और रेलवे स्टेशनों पर निगरानी बढ़ी
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दिल्ली की सीमाओं, रेलवे स्टेशनों, बस टर्मिनलों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। सीमावर्ती इलाकों में वाहनों की जांच तेज की गई है। पुलिस का फोकस बिना अनुमति भीड़ जुटने की आशंका को रोकने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने पर है। इसके अलावा, होटलों, गेस्ट हाउस, लॉज और धर्मशालाओं में ठहरने वाले लोगों के सत्यापन का अभियान भी तेज किया गया है। त्योहारों के दौरान बाजारों और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की विशेष निगरानी की जा रही है।
दिल्ली पुलिस के जवान भी संभालेंगे मोर्चा
अर्धसैनिक बलों के साथ दिल्ली पुलिस के हजारों जवानों को भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है। नई दिल्ली जिले को 20 जोन में बांटकर निगरानी की जा रही है। संयुक्त पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त समेत वरिष्ठ अधिकारी हालात पर नजर रख रहे हैं। पुलिस की ओर से संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त, जांच और निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। जरूरत के अनुसार सुरक्षा बलों की तैनाती और संसाधनों का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो।
त्योहारों और प्रदर्शनों को देखते हुए विशेष इंतजाम
राजधानी में सुरक्षा बढ़ाने का फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब विरोध प्रदर्शनों के साथ त्योहारों के दौरान भी बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ बढ़ने की संभावना है। ऐसे में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना, यातायात को सुचारु रखना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है।